
चेन्नई: AIADMK ने तमिलनाडु के ऊर्जा और कानून मंत्री CTR निर्मल कुमार को कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें उनसे सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने, अपने बयानों को तुरंत वापस लेने और कथित मानहानि के लिए एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा देने की मांग की गई है। यह कानूनी कार्रवाई 9 अक्टूबर, 2026 को सचिवालय में हुई एक प्रेस बातचीत के बाद की गई है, जो धारापुरम और मदुरंतकम उपचुनाव के नतीजों के बाद हुई थी।
AIADMK की ओर से वकील और MLA एग्री SS कृष्णमूर्ति द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, मंत्री ने कथित तौर पर दावा किया था कि AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने अपनी निजी संपत्ति और पारिवारिक हितों की रक्षा के लिए पार्टी को एक निजी "लेटर-पैड कंपनी" में बदल दिया है।
बाद में इन बयानों को प्रिंट मीडिया, टेलीविज़न प्रसारण और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए फैलाया गया।
नोटिस में कहा गया है कि पार्टी का मानना है कि मज़बूत राजनीतिक आलोचना और लोकतांत्रिक बहस का स्वागत है, लेकिन इन बयानों में गलत तरीके से संस्थागत संपत्तियों - जिसमें रोयापेट्टा स्थित पार्टी मुख्यालय भी शामिल है - के ग़लत इस्तेमाल और निजी तौर पर इस्तेमाल करने का झूठा आरोप लगाया गया, जिससे पार्टी की पांच दशक पुरानी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा है।
नोटिस की शर्तों के तहत, मंत्री को सात दिन का समय दिया गया है कि वे सार्वजनिक रूप से इन आरोपों को वापस लें, उन्हीं मीडिया चैनलों के माध्यम से माफ़ी मांगें और आर्थिक नुकसान की भरपाई करें।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि ऐसा न करने पर AIADMK उचित दीवानी (सिविल) और आपराधिक कानूनी कार्रवाई करेगी।





