
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। AIADMK के वरिष्ठ नेता वेल्लमंडी नटराजन अब अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) में शामिल हो गए हैं। गुरुवार को एक सूत्र ने इस बात की पुष्टि की कि नटराजन TVK में शामिल होने वाले पांचवें प्रमुख नेता बन गए हैं, जिससे पार्टी की संगठनात्मक ताकत को और मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व पर्यटन मंत्री वेल्लमंडी नटराजन ने TVK के महासचिव ‘बुस्सी’ एन आनंद से मुलाकात की और 27 मई को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मुलाकात के बाद उनके TVK में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी हो गई।
All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के वरिष्ठ नेता रहे नटराजन का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने 2016 में तिरुचिरापल्ली ईस्ट विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी।
नटराजन ने AIADMK में नेतृत्व संकट के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम का समर्थन किया था। बाद में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के चलते उन्होंने पार्टी में पुनः वापसी भी की थी। इस वर्ष फरवरी में पन्नीरसेल्वम के DMK में शामिल होने की चर्चाओं के बीच नटराजन ने फिर से AIADMK का दामन थामा था, लेकिन अब उन्होंने एक बार फिर पार्टी बदलते हुए TVK का रुख किया है।
Tamilaga Vettri Kazhagam में नटराजन का शामिल होना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे अनुभवी नेताओं की मौजूदगी बढ़ेगी और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति में TVK तेजी से उभरती हुई पार्टी के रूप में सामने आ रही है, और लगातार वरिष्ठ नेताओं का इसमें शामिल होना इस बात का संकेत है कि राज्य की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव देखने को मिल सकता है।
नटराजन के TVK में शामिल होने के बाद राज्य में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी और सत्तारूढ़ दोनों खेमों में इस कदम को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग इसे व्यक्तिगत राजनीतिक निर्णय मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे संगठनात्मक बदलाव की दिशा में एक बड़ा संकेत मान रहे हैं।
TVK नेतृत्व का कहना है कि पार्टी में अनुभवी नेताओं के जुड़ने से संगठनात्मक ढांचा मजबूत होगा और आगामी राजनीतिक गतिविधियों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
फिलहाल नटराजन के इस फैसले को तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।





