तमिलनाडू

AIADMK की डिप्टी सेक्रेटरी अप्सरा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, बोलीं भारी मन से लिया फैसला

Kavita2
13 Aug 2026 9:23 AM IST
AIADMK की डिप्टी सेक्रेटरी अप्सरा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, बोलीं भारी मन से लिया फैसला
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चेन्नई। तमिलनाडु की प्रमुख राजनीतिक पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) को उस समय झटका लगा, जब पार्टी की पॉलिसी प्रोपेगैंडा यानी नीति और प्रचार मामलों की डिप्टी सेक्रेटरी अप्सरा रेड्डी ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। अप्सरा रेड्डी ने अपने इस्तीफे की जानकारी एक बयान जारी कर दी, जिसमें उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने भारी मन से लिया है।

चेन्नई की रहने वाली अप्सरा रेड्डी AIADMK में एक चर्चित चेहरा थीं। वह पार्टी की प्रवक्ता के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। पिछले साल जुलाई में AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने उन्हें पार्टी के पब्लिसिटी यानी प्रचार मामलों की डिप्टी सेक्रेटरी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी। इस पद के जरिए वह पार्टी की नीतियों, विचारधारा और जनसंपर्क अभियानों से जुड़े कामों में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं।

अप्सरा रेड्डी ने अपने बयान में कहा कि AIADMK के साथ उनका जुड़ाव केवल राजनीतिक सफर नहीं था, बल्कि यह उनके लिए एक भावनात्मक रिश्ता भी था। उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता जिन्हें पार्टी कार्यकर्ता प्यार से "अम्मा" कहते हैं, उनके प्रति उनके मन में गहरा सम्मान और विश्वास रहा है। जयललिता की राजनीतिक सोच और उनके नेतृत्व से प्रभावित होकर ही वह इस आंदोलन से जुड़ी थीं।

उन्होंने कहा कि AIADMK के साथ बिताया गया समय उनके लिए बेहद खास रहा है। पार्टी में उन्हें कई जिम्मेदारियां मिलीं और उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ संगठन के लिए काम करने की कोशिश की। हालांकि अब उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला किया है।

अप्सरा रेड्डी ने अपने बयान में लिखा, "भारी मन से मैं ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम से अपना इस्तीफा देने की घोषणा करती हूं। AIADMK के साथ मेरा सफर मेरे लिए सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं थी। अम्मा के प्रति मेरा सम्मान, प्यार और उनकी विचारधारा में मेरा विश्वास ही वह कारण था, जिसने मुझे इस आंदोलन से जोड़ा।"

अप्सरा रेड्डी ट्रांसजेंडर समुदाय से आने वाली उन प्रमुख हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह सामाजिक मुद्दों, महिला अधिकारों और समानता जैसे विषयों पर भी अपनी राय रखती रही हैं। राजनीति में आने के बाद उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी और अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई।

AIADMK में उनकी भूमिका खास तौर पर पार्टी के प्रचार और मीडिया से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मानी जाती थी। वह टीवी डिबेट, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक कार्यक्रमों में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखती थीं। उनकी संवाद शैली और राजनीतिक समझ के कारण उन्हें पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में गिना जाता था।

अप्सरा रेड्डी का राजनीतिक सफर भी काफी अलग रहा है। उन्होंने कई राजनीतिक दलों में काम किया और अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। वह पहले कांग्रेस से भी जुड़ी रही थीं और बाद में AIADMK में शामिल हुईं। जयललिता के नेतृत्व और उनकी नीतियों से प्रभावित होकर उन्होंने AIADMK का दामन थामा था।

उनके इस्तीफे के बाद तमिलनाडु की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उन्होंने अपने बयान में इस्तीफे के पीछे किसी विवाद या कारण का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने केवल अपने भावनात्मक जुड़ाव और भारी मन से लिए गए फैसले का जिक्र किया है।

AIADMK इस समय तमिलनाडु की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे समय में पार्टी के एक प्रमुख पदाधिकारी का इस्तीफा संगठन के लिए अहम माना जा रहा है। आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए पार्टी के अंदर होने वाले बदलावों पर भी नजर बनी रहेगी।

अप्सरा रेड्डी ने अपने बयान के अंत में AIADMK के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के साथ उनका अनुभव हमेशा उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा और वह अम्मा की विरासत और उनके विचारों का सम्मान करती रहेंगी।

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