तमिलनाडू

तमिलनाडु में त्रिकोणीय राजनीतिक समीकरण, TVK को लेकर समर्थन की चर्चाओं से बढ़ी हलचल

Kavita2
6 May 2026 12:54 PM IST
तमिलनाडु में त्रिकोणीय राजनीतिक समीकरण, TVK को लेकर समर्थन की चर्चाओं से बढ़ी हलचल
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में हालिया विधानसभा चुनावों के बाद बने बदले राजनीतिक हालात ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। किसी भी एक राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इस बीच अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चर्चा यह है कि कुछ दल और गुट TVK को बाहर से समर्थन देने की संभावना पर विचार कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण और जटिल हो गए हैं।

सूत्रों और राजनीतिक हलकों में सामने आ रही जानकारी के अनुसार, द्रविड़ राजनीति की प्रमुख दो पार्टियों द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के बीच TVK की भूमिका को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। दोनों ही दलों के लिए यह स्थिति असहज मानी जा रही है, क्योंकि सरकार गठन के लिए जरूरी समर्थन को लेकर समीकरण अभी स्पष्ट नहीं हैं।

कांग्रेस और AIADMK के कुछ हिस्सों द्वारा भी TVK को बाहर से समर्थन देने की इच्छा जताने की बात सामने आई है। हालांकि इस मुद्दे पर किसी भी दल की ओर से औपचारिक रूप से स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंदरूनी बातचीत और विचार-विमर्श की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TVK के उभरते प्रभाव ने दोनों प्रमुख द्रविड़ गठबंधनों की रणनीति पर असर डाला है। चुनाव के बाद बने इस नए समीकरण में TVK को एक निर्णायक भूमिका निभाने वाला संभावित कारक माना जा रहा है। यही कारण है कि विभिन्न दलों के भीतर समर्थन और विरोध दोनों तरह की आवाजें उठ रही हैं।

इस बीच AIADMK की ओर से लालगुडी सीट से निर्वाचित लीमा रोज़ मार्टिन का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने संकेत दिया है कि TVK को समर्थन देने को लेकर बातचीत चल रही है। राजनीतिक रूप से यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उनके पारिवारिक संबंध भी इस राजनीतिक चर्चा से जुड़े बताए जा रहे हैं। उनके दामाद आधव अर्जुन, जो विल्लीवक्कम से चुनाव जीत चुके हैं, TVK के संगठनात्मक ढांचे में जनरल सेक्रेटरी के पद पर हैं।

इसी वजह से यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो गया है और द्रविड़ राजनीति के भीतर संभावित फूट और नए गठबंधनों की अटकलें तेज हो गई हैं। DMK और AIADMK दोनों ही अपने-अपने खेमों को मजबूत बनाए रखने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि TVK के बढ़ते प्रभाव को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है।

राज्य में फिलहाल सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और राजनीतिक दलों के बीच बातचीत जारी है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि TVK किस तरह से इस त्रिशंकु विधानसभा में अपनी भूमिका निभाएगी और किस गठबंधन को समर्थन देकर राज्य की सत्ता समीकरण को प्रभावित करेगी।

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