
मदुरै: त्योहार के मौके पर मिठाई की एक साधारण सी ऑनलाइन रिक्वेस्ट एक लोकल कंटेंट क्रिएटर के लिए बुरे सपने में बदल गई, जिससे उसे अपना घर छोड़ना पड़ा। अपनी लोकल बोली और मज़ेदार सोशल मीडिया पोस्ट के लिए मशहूर, मदुरै के इन्फ्लुएंसर वीरमणि ने हाल ही में वेस्ट अनुप्पनाडी में अपना घर का पता शेयर किया था। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी रिक्वेस्ट के बाद कोई अच्छा फॉलोअर उन्हें दिवाली के लिए मिठाई का डिब्बा भेजेगा।
लेकिन, शरारती फॉलोअर्स ने उस पते का फ़ायदा उठाकर लगातार 'कैश-ऑन-डिलीवरी' (COD) ऑर्डर भेजने शुरू कर दिए।
अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के डिलीवरी एजेंट उनके घर पर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर पहुँचने लगे, जिनमें वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, स्मार्टफोन और टेलीविज़न शामिल थे। टेलीविज़न सेट का एक महंगा ऑर्डर 1.69 लाख रुपये का था।
चूंकि वीरमणि ने न तो सामान ऑर्डर किया था और न ही उनके पास पैसे थे, इसलिए वे न तो सामान ले पाए और न ही कूरियर वालों को ज़रूरी OTP दे पाए।
शरारती लोगों ने ऑनलाइन स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए, जिनमें दावा किया गया कि उन्होंने भारी मशीनरी, जैसे JCB एक्सकेवेटर और 70 करोड़ रुपये के मिलिट्री टैंक के लिए कैश-ऑन-डिलीवरी ऑर्डर किए हैं।
घरेलू सामान के अलावा, स्विगी और ज़ोमैटो के डिलीवरी करने वाले लोग भी वीरमणि के घर खाने के ऑर्डर लेकर पहुँचने लगे।
इन ऑर्डर्स से परेशान होकर, वीरमणि ने अपने घर से एक वीडियो अपलोड किया और अपने फॉलोअर्स से ये मज़ाक बंद करने की "गुहार" लगाई। उन्होंने कहा, "मिठाई का डिब्बा मांगने के बाद मुझे बहुत परेशानी हो रही है। मैं आपके पैर छूता हूँ... प्लीज़ ऑर्डर करना बंद करें। मैं बहुत ज़्यादा दबाव में हूँ।"
उनकी सार्वजनिक अपील के बावजूद, डिलीवरी रुकने का कोई नाम नहीं ले रही थी।
जब रिपोर्टर और दूसरे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उनके अनुप्पनाडी वाले घर पहुँचे, तो उन्हें घर पर ताला लगा मिला।
पड़ोसियों ने बताया कि डिलीवरी करने वाले लोगों द्वारा दिन-रात लगातार "परेशान" किए जाने के बाद वीरमणि को अपना सामान समेटकर घर छोड़ना पड़ा।
अपनी हालिया सोशल मीडिया रील्स में उन्होंने कहा, "मैं यात्रा कर रहा हूँ। कोई मेरा पता नहीं ढूँढ सकता। अब कोई मुझे कंट्रोल नहीं कर सकता।"
अभी तक वीरमणि के सही ठिकाने का पता नहीं चल पाया है और उनके पब्लिक फ़ोन नंबर पर कॉल करने पर वह ब्लॉक आ रहा है।





