
कोयंबटूर: 1998 के कोयंबटूर सीरियल बम धमाकों के मामले में कोयंबटूर सेंट्रल जेल में बंद पांच दोषियों को जेल विभाग ने 60 दिनों की पैरोल दी है। ये पांच लोग उन 22 दोषियों में शामिल हैं, जिन्हें इस मामले में उम्रकैद की सजा मिली है और वे 30 साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं।
इन पांच दोषियों के नाम मोहम्मद अंसारी (58), मोहम्मद अली (52), मोनाप्पा उर्फ मोहम्मद हसन (46), मोहम्मद अजम और नवाब खान हैं। सूत्रों के अनुसार, ये सभी प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन 'अल-उम्मा' से जुड़े थे। इनमें से कुछ लोग 'अल-उम्मा' के नेता और इस मामले के मुख्य आरोपी एस. ए. बाशा के रिश्तेदार भी हैं।
कोयंबटूर में सीरियल बम धमाके 14 फरवरी 1998 को हुए थे, जब शहर की कई जगहों पर एक के बाद एक कई विस्फोट हुए। ये धमाके वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक चुनावी सभा से ठीक पहले हुए थे। इन धमाकों में कई लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
ये धमाके तमिलनाडु के इतिहास के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माने जाते हैं। मामले की जांच के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और उन पर मुकदमा चलाया गया, जिनमें से कई को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।





