
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरुवार को रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। राज्य में कुल 84.51 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले 74 वर्षों के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान बताया जा रहा है। इस बार का चुनाव कई मायनों में खास रहा क्योंकि यह इलेक्टोरल रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद राज्य में हुआ पहला विधानसभा चुनाव था। पूरे राज्य में एक ही चरण में सभी 234 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया गया और चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला चार प्रमुख राजनीतिक धड़ों के बीच देखने को मिला, जिसमें डीएमके गठबंधन, एआईएडीएमके गठबंधन, सीमान की नाम तमिल पार्टी और अभिनेता विजय की पार्टी थावेका शामिल रही। कुल मिलाकर 4,023 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे, जिन्होंने विभिन्न सीटों पर अपनी किस्मत आजमाई। मतदान के लिए राज्य भर में 75,064 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए थे
ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। सुरक्षा के लिहाज से भी इस चुनाव को बेहद संवेदनशील माना गया और प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे चुनावी प्रक्रिया में 83,875 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, साथ ही 40,427 नॉन-पुलिस कर्मी भी व्यवस्था में लगाए गए थे। इसके अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 300 कंपनियों को भी तैनात किया गया था ताकि मतदान केंद्रों पर शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी या हिंसा की स्थिति उत्पन्न न हो। मतदान के दौरान लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला और लंबी कतारों में खड़े होकर नागरिकों ने अपने वोट डाले। कई क्षेत्रों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भीड़ देखी गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मतदाता इस चुनाव को लेकर काफी जागरूक और सक्रिय हैं। चुनाव आयोग और प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी गई और सभी मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इस उच्च मतदान प्रतिशत को राजनीतिक विश्लेषक जनता की बढ़ती भागीदारी और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के रूप में देख रहे हैं। कुल मिलाकर तमिलनाडु का यह चुनाव मतदान प्रतिशत, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक मुकाबले के लिहाज से एक महत्वपूर्ण चुनाव के रूप में दर्ज किया गया है।





