तमिलनाडू

कारगिल से कन्याकुमारी तक 4,200 किमी की जागरूकता दौड़ पूरी

Kavita2
8 July 2026 9:24 AM IST
कारगिल से कन्याकुमारी तक 4,200 किमी की जागरूकता दौड़ पूरी
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कन्याकुमारी: युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी 24 वर्षीय छात्र कार्तिक जोशी ने एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है। बायोमैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र कार्तिक ने कारगिल से कन्याकुमारी तक लगभग 4,200 किलोमीटर की जागरूकता दौड़ (अवेयरनेस रन) सफलतापूर्वक पूरी कर ली। उन्होंने 67 दिनों में इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा को पूरा कर मंगलवार को कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद केंद्र परिसर पहुंचकर अपना अभियान संपन्न किया।

कार्तिक जोशी ने अपनी इस विशेष दौड़ की शुरुआत 2 मई 2026 को कारगिल से की थी। उनका उद्देश्य केवल लंबी दूरी तय करना नहीं था, बल्कि देशभर के युवाओं को खेल, फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना भी था। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान विभिन्न राज्यों में जाकर स्थानीय खिलाड़ियों, छात्रों और खेल प्रेमियों से मुलाकात की तथा उन्हें खेलों को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

सात राज्यों से गुजरते हुए पहुंचे कन्याकुमारी

अपनी इस लंबी यात्रा के दौरान कार्तिक जोशी ने देश के कई राज्यों को पार किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से शुरुआत कर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से होते हुए तमिलनाडु के कन्याकुमारी तक का सफर तय किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से संवाद किया और खेलों के महत्व पर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।

लगातार 67 दिनों तक रोजाना लंबी दूरी की दौड़ लगाना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। मौसम की बदलती परिस्थितियां, अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्र, लंबी दूरी और शारीरिक थकान जैसी कई चुनौतियों के बावजूद कार्तिक ने अपना अभियान जारी रखा और अंततः सफलतापूर्वक लक्ष्य तक पहुंच गए।

खेल प्रतिभाओं की खोज भी रहा उद्देश्य

कन्याकुमारी पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कार्तिक जोशी ने बताया कि इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना भी था।

उन्होंने कहा, "कारगिल से शुरू हुई इस यात्रा के दौरान मैंने देशभर में 100 से अधिक प्रतिभाशाली एथलीटों की पहचान की है। कई ऐसे युवा खिलाड़ी मिले जिनमें असाधारण क्षमता है, लेकिन उन्हें उचित अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं।"

कार्तिक का कहना है कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन की है। यदि ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।

नौ वर्षों से चला रहे हैं जागरूकता अभियान

कार्तिक जोशी ने बताया कि फिटनेस और खेलों के प्रति जागरूकता फैलाने का उनका अभियान नया नहीं है। पिछले नौ वर्षों से वह देशभर में विभिन्न अभियानों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक वे 80,000 किलोमीटर से अधिक की दौड़ पूरी कर चुके हैं। यह दूरी पृथ्वी की परिधि से भी लगभग दोगुनी मानी जाती है, जो उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और खेलों के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

अंतरराष्ट्रीय मैराथन में भी लिया हिस्सा

कार्तिक जोशी ने अपनी खेल यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने बताया कि वे दक्षिण अफ्रीका की प्रसिद्ध कॉमरेड्स मैराथन (Comrades Marathon) में भी भाग ले चुके हैं। इस प्रतिष्ठित अल्ट्रा मैराथन में हिस्सा लेना किसी भी धावक के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से उन्हें बेहतर अनुभव मिला और उसी अनुभव को वह भारत के युवाओं तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका विश्वास है कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने का सबसे प्रभावी साधन है।

युवाओं को दिया फिटनेस का संदेश

कार्तिक ने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल और डिजिटल उपकरणों पर अत्यधिक समय बिताने के बजाय प्रतिदिन कुछ समय खेल और शारीरिक गतिविधियों के लिए अवश्य निकालें। उन्होंने कहा कि नियमित दौड़, व्यायाम और खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करते हैं और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी तो देश को भविष्य में अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मिलेंगे। साथ ही स्वस्थ समाज के निर्माण में भी खेलों की अहम भूमिका होगी।

लोगों ने किया गर्मजोशी से स्वागत

कार्तिक जोशी के कन्याकुमारी पहुंचने पर स्थानीय लोगों, खेल प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने उनका स्वागत किया। विवेकानंद केंद्र परिसर में उनके अभियान की सराहना की गई और खेलों के प्रति जागरूकता फैलाने के उनके प्रयास को प्रेरणादायक बताया गया।

कार्तिक की यह 4,200 किलोमीटर लंबी दौड़ केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और खेलों के प्रति प्रेरित करने का एक राष्ट्रीय अभियान बन गई है। उनका मानना है कि यदि देश का युवा स्वस्थ और सक्रिय होगा, तो भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकेगा।

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