
Tamil Nadu तमिलनाडु: ईरान में फंसे तमिलनाडु के 345 मछुआरे रविवार को सुरक्षित भारत लौट आए। मछुआरों की यह सुरक्षित वापसी उस समय आई जब क्षेत्र में अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ था। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता पीयूष गोयल ने चेन्नई एयरपोर्ट पर मछुआरों का स्वागत किया। उनके साथ बीजेपी नेता नैनार नागेंद्रन, तमिलिसाई सुंदरराजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी। इसके चलते ईरान में तमिलनाडु के मछुआरे फंस गए थे। इस युद्ध की स्थिति ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया था, और मछुआरों की सुरक्षा को लेकर तमिलनाडु सरकार और केंद्र सरकार दोनों चिंतित थे।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मछुआरों की सुरक्षित वापसी प्राथमिकता थी और सभी प्रयासों के बाद यह संभव हुआ। उन्होंने मछुआरों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उनकी सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठा रही थी। उन्होंने मछुआरों और उनके परिवारों को आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
तमिलनाडु के मछुआरों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर कई उपाय किए। ईरान में फंसे मछुआरों से संपर्क बनाए रखा गया और उन्हें सुरक्षित लौटाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। एयरपोर्ट पर पहुंचे मछुआरों ने भी राहत की सांस ली और अपने अनुभव साझा किए। कई मछुआरों ने बताया कि युद्ध के बीच ईरान में रहना चुनौतीपूर्ण था और उन्हें कई बार जीवन खतरे में महसूस हुआ।
चेन्नई एयरपोर्ट पर मछुआरों का स्वागत बड़े पैमाने पर किया गया। बीजेपी नेता नैनार नागेंद्रन और तमिलिसाई सुंदरराजन ने मछुआरों को फूलों से स्वागत किया और उनके सुरक्षित लौटने की खुशी जाहिर की। इस दौरान मछुआरों के परिवार और स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापारिक जलमार्गों पर प्रभाव की भी झलक दिखाई। अमेरिका और इज़राइल के हमले के बाद ईरान की प्रतिक्रिया ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों को प्रभावित किया था, और भारतीय मछुआरों का फंस जाना इसका उदाहरण था। तमिलनाडु के मछुआरों की सुरक्षित वापसी ने इस तनावपूर्ण स्थिति में एक राहत की खबर दी।
विशेष रूप से, मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने संयुक्त रणनीति अपनाई। एयरलाइनों और कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से मछुआरों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई गई। मछुआरों को तुरंत चेन्नई एयरपोर्ट लाया गया और उनकी प्राथमिक चिकित्सा और राहत उपायों की व्यवस्था की गई।
इस सुरक्षित वापसी से तमिलनाडु के मछुआरों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। मछुआरों की यह वापसी न केवल उनके लिए राहत की खबर है बल्कि यह केंद्र सरकार की तत्परता और विदेश नीति की प्रभावशीलता को भी दर्शाती है।





