तमिलनाडू

काबिनी बांध से तमिलनाडु को 25,000 क्यूसेक पानी

Kavita2
2 Aug 2026 9:16 AM IST
काबिनी बांध से तमिलनाडु को 25,000 क्यूसेक पानी
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बेंगलुरु/चेन्नई। कावेरी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब कर्नाटक के प्रमुख जलाशयों पर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के काबिनी और कृष्णराज सागर (केआरएस) बांधों में तेजी से जलस्तर बढ़ने के कारण जल प्रबंधन और बांधों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तमिलनाडु के लिए छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। कर्नाटक सरकार ने काबिनी बांध के अपनी पूर्ण जल क्षमता के करीब पहुंचने के बाद तमिलनाडु के लिए 25,000 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड (क्यूसेक) पानी छोड़ने का निर्णय लिया है। इससे कावेरी नदी में जल प्रवाह काफी बढ़ गया है और आने वाले दिनों में इसका असर तमिलनाडु के कई जिलों में देखने को मिलेगा।

जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से कावेरी के कैचमेंट एरिया में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। पश्चिमी घाट और आसपास के पर्वतीय इलाकों में हो रही बारिश के कारण नदियों और सहायक नदियों में जल प्रवाह तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर कर्नाटक के प्रमुख जलाशयों, विशेषकर काबिनी और कृष्णराज सागर बांध पर पड़ा है। इन दोनों बांधों में पानी की आवक लगातार बढ़ने से जलस्तर तेजी से ऊपर पहुंच गया है।

बांधों में लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए अधिकारियों ने पहले शनिवार रात एहतियात के तौर पर काबिनी और कृष्णराज सागर बांधों से संयुक्त रूप से 13,768 क्यूसेक पानी तमिलनाडु की ओर छोड़ा था। हालांकि बारिश का सिलसिला थमने के बजाय और तेज हो गया, जिसके चलते काबिनी बांध लगभग अपनी अधिकतम क्षमता तक भर गया। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाकर 25,000 क्यूसेक कर दी, ताकि बांध पर अतिरिक्त दबाव न बने और उसकी संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान कावेरी बेसिन में इस तरह की स्थिति सामान्य मानी जाती है, लेकिन इस बार लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जलाशयों में अपेक्षा से अधिक तेजी से पानी भर रहा है। ऐसे में नियंत्रित तरीके से अतिरिक्त पानी छोड़ना आवश्यक हो जाता है, जिससे बांध सुरक्षित रहें और नीचे के इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति भी न बने।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कर्नाटक से छोड़ा गया यह पानी तमिलनाडु की सीमा पर स्थित बिलिगुंडुलु तक मंगलवार तक पहुंचने की संभावना है। बिलिगुंडुलु वह प्रमुख बिंदु है जहां कावेरी नदी का प्रवाह कर्नाटक से तमिलनाडु में प्रवेश करता है और यहीं पर दोनों राज्यों के बीच जल प्रवाह का आधिकारिक मापन किया जाता है। यहां पहुंचने वाले पानी के आधार पर आगे मेत्तूर बांध और अन्य सिंचाई परियोजनाओं के संचालन की योजना बनाई जाती है।

तमिलनाडु के जल संसाधन विभाग ने भी कर्नाटक से बढ़ाए गए जल प्रवाह को देखते हुए अपने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है और कर्नाटक से पानी का प्रवाह इसी तरह बना रहता है, तो मेत्तूर बांध में भी जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता को लाभ मिलेगा।

कावेरी नदी दक्षिण भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है और इसका पानी कर्नाटक तथा तमिलनाडु दोनों राज्यों के लिए कृषि, पेयजल और उद्योगों की दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। हर वर्ष मानसून के दौरान दोनों राज्यों के बीच जल प्रवाह पर विशेष नजर रखी जाती है। इस बार भी भारी वर्षा के कारण कावेरी बेसिन में जल उपलब्धता बढ़ने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से तमिलनाडु के डेल्टा क्षेत्र के किसानों के लिए यह पानी धान की खेती और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

मौसम विभाग ने भी संकेत दिए हैं कि कर्नाटक के कई हिस्सों, विशेषकर कावेरी के जलग्रहण क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है। यदि ऐसा होता है तो काबिनी और कृष्णराज सागर बांधों में पानी की आवक और बढ़ सकती है, जिसके चलते आवश्यकता पड़ने पर तमिलनाडु के लिए पानी छोड़े जाने की मात्रा में फिर से वृद्धि की जा सकती है।

प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। संबंधित विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल कर्नाटक से छोड़ा गया 25,000 क्यूसेक पानी मंगलवार तक बिलिगुंडुलु पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद तमिलनाडु में कावेरी नदी के जलस्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। लगातार हो रही बारिश और बढ़ते जल प्रवाह को देखते हुए दोनों राज्यों के जल संसाधन विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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