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सिक्किम दौरे पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मत्स्य विकास योजनाओं की करेंगे समीक्षा

nidhi
2 Nov 2026 12:13 PM IST
सिक्किम दौरे पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मत्स्य विकास योजनाओं की करेंगे समीक्षा
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गंगटोक: केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह रविवार को सिक्किम के तीन दिवसीय दौरे पर गंगटोक पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य राज्य में प्रमुख विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करना और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेना है।
सिंह का स्वागत राज्य के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा और मत्स्य विकास मंत्री पूरन कुमार गुरुंग के नेतृत्व वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने किया। इस दौरान सचिव (गृह और प्रोटोकॉल) बेनु गुरुंग और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
1 से 3 नवंबर तक चलने वाले अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय मंत्री मंगन और गंगटोक जिलों में मत्स्य विकास पहलों की समीक्षा करेंगे। वे किसानों और हितधारकों से बातचीत करेंगे, केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का आकलन करेंगे, 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' (PMMSY) के तहत 3.75 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और जैविक मछली पालन के लिए 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) जारी करेंगे।
इसके अलावा, वे मछली पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड और 'मुख्यमंत्री मत्स्य उत्पादन योजना' (MMMUY) के तहत चेक भी वितरित करेंगे।
मंगन जिले में, मंत्री मंगशिला स्थित 'लाइव फिश वेंडिंग सेंटर' (जीवित मछली बिक्री केंद्र) का दौरा करेंगे। वहां वे 'मछली पालक सहकारी समिति' के सदस्यों से बातचीत करेंगे और मछली की मार्केटिंग तथा सहकारी गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियों को समझेंगे।
वे मंगन के जिला प्रशासनिक केंद्र में मत्स्य विकास पहलों और PMMSY के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करेंगे, साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर किसानों और अन्य हितधारकों से फीडबैक लेंगे। मंत्री के जिले में शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं का दौरा करने, 'सिरी' (Siri) मवेशी प्रदर्शनी देखने और किसानों के साथ बातचीत करने का भी कार्यक्रम है।
गंगटोक में, वे 3 नवंबर को ताडोंग स्थित 'सिक्किम मिल्क यूनियन मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट' (SMUPP) में किसानों पर केंद्रित डेयरी सहकारी पहलों की शुरुआत करेंगे।
PIB की एक विज्ञप्ति के अनुसार, यह दौरा केंद्र सरकार की उस व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके तहत केंद्रीय मंत्री पूर्वोत्तर क्षेत्र का नियमित दौरा करते हैं। इसका उद्देश्य विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करना और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन के बारे में फीडबैक प्राप्त करना है।
केंद्र सरकार की 'क्लस्टर-आधारित' रणनीति के तहत, मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला (fisheries value chain) को विकसित करने के लिए सिक्किम और मेघालय को 'जैविक मत्स्य पालन क्लस्टर' (organic fisheries clusters) के रूप में चुना गया है। PMMSY के तहत, पूरे देश में 34 मत्स्य उत्पादन और प्रसंस्करण क्लस्टर अधिसूचित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य बेहतर एकत्रीकरण, प्रमाणन, ट्रेसिबिलिटी और बाजार संपर्कों के माध्यम से उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विपणन को मजबूत करना है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में, अपने प्रचुर मीठे पानी के संसाधनों और विविध जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के कारण, टिकाऊ और उच्च मूल्य वाले मत्स्य पालन और जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) के विकास की काफी संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार का लक्ष्य इन संसाधनों का उपयोग करके प्रमाणित जैविक और प्रीमियम मत्स्य उत्पादों को बढ़ावा देना, बाजार तक पहुंच में सुधार करना और किसानों के लिए आय के अवसर बढ़ाना है। इस दौरे से सिक्किम और व्यापक पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक आधुनिक, टिकाऊ और बाजार-उन्मुख मत्स्य पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।
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