सिक्किम

शिक्षा प्रशासन में नवाचार का सम्मान दो अधिकारियों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

nidhi
5 Sept 2026 2:48 PM IST
शिक्षा प्रशासन में नवाचार का सम्मान दो अधिकारियों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
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नवाचार से बदली शिक्षा की तस्वीर

गंगटोक: सिक्किम के शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राज्य के दो वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों किंजांग दोरजी भूटिया (Kinzang Dorjee Bhutia) और थिनले नामग्याल भूटिया (Thinley Namgyal Bhutia) को शैक्षिक प्रशासन में नवाचार के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NIEPA), नई दिल्ली की ओर से 3 सितंबर को प्रदान किया गया।

इन दो अधिकारियों को मिला सम्मान
किंजांग दोरजी भूटिया बर्मियोक-मार्तम, ग्यालशिंग के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO)/AD हैं, जबकि थिनले नामग्याल भूटिया नॉर्थ सिक्किम में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों अधिकारियों को जमीनी स्तर पर शिक्षा प्रशासन को मजबूत करने, नवीन पहल करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बेहतर बनाने में योगदान के लिए यह राष्ट्रीय पहचान मिली है।
नवाचार और नेतृत्व को मिली पहचान
राज्य शिक्षा विभाग के मुताबिक यह पुरस्कार दोनों अधिकारियों के प्रभावी नेतृत्व और शैक्षिक प्रशासन में किए गए नवाचारों को मान्यता देता है। उनका काम केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और उसके परिणामों को बेहतर बनाने की दिशा में नई कार्यप्रणालियों को अपनाने पर भी केंद्रित रहा है। विशेष रूप से जिला और ब्लॉक स्तर पर शिक्षा प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। स्कूलों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने, शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा स्थानीय स्तर की समस्याओं का समाधान करने में इन अधिकारियों की सीधी भूमिका रहती है।
सिक्किम शिक्षा विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि
शिक्षा विभाग ने दोनों अधिकारियों को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को पूरे राज्य के शिक्षा समुदाय के लिए गर्व का विषय बताया है। विभाग के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान सिक्किम के शिक्षा प्रशासकों की पेशेवर उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विभाग का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां अन्य शिक्षा अधिकारियों, स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों को भी नए प्रयोग करने और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करती हैं।
क्या है NIEPA का यह पुरस्कार?
NIEPA शिक्षा प्रशासन में नवाचार और अच्छी कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार कार्यक्रम संचालित करता है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जिला तथा ब्लॉक स्तर के शिक्षा प्रशासकों को अपनी अभिनव पहल प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। आवेदन संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से भेजे जाते हैं। इस पहल का व्यापक उद्देश्य स्थानीय स्तर पर विकसित प्रभावी मॉडल और अच्छे प्रशासनिक प्रयोगों को पहचान दिलाना है, ताकि उनसे दूसरे क्षेत्रों के शिक्षा अधिकारी भी सीख सकें।
शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
सिक्किम सरकार हाल के समय में गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा, डिजिटल एजुकेशन, कौशल विकास और नवाचार पर जोर दे रही है। अप्रैल 2026 में आयोजित राज्य स्तरीय स्कूल शिक्षा सम्मेलन में भी मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और नवाचार के जरिए इसे आगे बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया था। अब किंजांग दोरजी भूटिया और थिनले नामग्याल भूटिया को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार इसी दिशा में राज्य के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों अधिकारियों की सफलता यह संदेश भी देती है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में केवल कक्षा में पढ़ाने वाले शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने वाले शिक्षा प्रशासकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है।
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