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नाथू ला-शिपकी ला से फिर गूंजे व्यापारिक कदम, भारत-चीन संबंधों में नई पहल
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। नाथू ला (सिक्किम) और शिपकी ला (हिमाचल प्रदेश) के रास्तों से व्यापार फिर शुरू हुआ है। यह कारोबार 2020 के बाद पहली बार दोबारा शुरू हुआ है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नाथू ला और शिपकी ला मार्गों का महत्व
Nathu La Pass और Shipki La Pass ऐतिहासिक रूप से भारत और तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापारिक संपर्क के प्रमुख मार्ग रहे हैं। इन रास्तों से स्थानीय उत्पादों और आवश्यक वस्तुओं का सीमित व्यापार किया जाता है।
2020 के बाद बंद था कारोबार
भारत-चीन सीमा पर तनाव और कोविड-19 महामारी के प्रभाव के कारण वर्ष 2020 से इन मार्गों पर व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। अब व्यापार दोबारा शुरू होने से सीमावर्ती इलाकों के व्यापारियों और स्थानीय समुदायों में उम्मीद जगी है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने से सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में:
स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने,
रोजगार के अवसर बढ़ने,
पर्यटन और संपर्क व्यवस्था मजबूत होने
की संभावना जताई जा रही है।
भारत-चीन संबंधों में अहम कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा व्यापार की बहाली दोनों देशों के बीच जमीनी स्तर पर संपर्क और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। हालांकि, सीमा से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत अभी भी जारी है।
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