सिक्किम

सिक्किम के राज्य में प्रजनन दर को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार लगातार कदम उठा रही

Shiddhant Shriwas
22 Jan 2023 7:49 PM IST
सिक्किम के राज्य में प्रजनन दर को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार लगातार कदम उठा रही
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सिक्किम के राज्य में प्रजनन दर को बढ़ावा
सिक्किम की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में प्रजनन दर को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार लगातार कदम उठा रही है। अब इसी कड़ी में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि महिला सरकारी कर्मचारियों को नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए मुफ्त में उनके घर पर चाइल्ड केयर अटेंडेंट की सुविधा दी जाएगी। सिक्किम की अनुमानित जनसंख्या वर्तमान में सात लाख से कम है, जिसमें से लगभग 80 प्रतिशत जातीय समुदायों के हैं और प्रजनन दर 1.1 प्रतिशत है।
शुक्रवार को राज्य की राजधानी के पास सरमसा गार्डन में एक समारोह को संबोधित करते हुए सीएम तमांग ने कहा कि उनकी सरकार ने 40 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को भर्ती करने का फैसला लिया है। नवजात बच्चों की देखभाल के लिए इन महिलाओं को महिला सरकारी कर्मचारियों के घर पर एक साल के लिए तैनात किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, "कम प्रजनन दर सिक्किम में गंभीर चिंता का विषय है। इस समस्या को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे।"
सीएम प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि उनकी सरकार महिला कर्मचारियों की चिंताओं से अवगत है कि अगर वो मां बनने का फैसला करती हैं तो उनके नवजात शिशु की देखभाल कौन करेगा। उन्होंने कहा कि महिला चाइल्ड केयर अटेंडेंट को प्रतिमाह 10,000 रुपये का पारिश्रमिक दिया जाएगा।
हाल ही में सीएम तमांग ने जातीय समुदायों से संबंधित महिलाओं को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए मौद्रिक और अन्य प्रोत्साहनों की घोषणा की थी। अब उन्होंने महिला सरकारी कर्मचारियों के घर पर उनके नवजात शिशु की देखभाल के लिए निशुल्क चाइल्ड केयर अटेंडेंट प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है। इससे पहले तमांग ने कहा था कि महिला सरकारी कर्मचारियों को दूसरे बच्चे के पालन-पोषण के लिए एक वेतन वृद्धि और तीसरे बच्चे के लिए दो वेतन वृद्धि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि उनकी सरकार पहले ही महिला सरकारी कर्मचारियों को 365 दिन का मातृत्व अवकाश और पुरुष कर्मचारियों को 30 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान कर चुकी है, ताकि उन्हें बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आम लोग भी बच्चे पैदा करने के लिए वित्तीय सहायता के पात्र होंगे, जिसका विवरण स्वास्थ्य और महिला एवं बाल देखभाल विभाग तैयार करेंगे।
सीएम तमांग ने आगे कहा कि सरकार ने राज्य के अस्पतालों में IVF की सुविधा भी शुरू की है। इससे अगर महिलाओं को सामान्य तरह से गर्भधारण करने में परेशानी हो रही है तो वो तकनीक का सहारा ले सकती हैं। इस प्रोसेस के जरिए मां बनने वाली सभी माताओं को 3 लाख रुपए की मदद दी जाएगी। अब तक राज्य में IVF के जरिए 38 महिलाएं प्रेग्नेंट हो चुकी हैं, इनमें से कुछ बच्चों को जन्म भी दे चुकी हैं।
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