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नाथू ला व्यापार और कैलाश यात्रा मजबूत कर रहे भारत-चीन संबंध
गंगटोक: सिक्किम के नेता इंद्र हंग ने कहा है कि नाथू ला बॉर्डर ट्रेड और कैलाश मानसरोवर यात्रा भारत और चीन के बीच सिक्किम को एक महत्वपूर्ण "दोस्ती के कॉरिडोर" के रूप में मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें सीमावर्ती क्षेत्र में संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संबंधों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती हैं।
नाथू ला व्यापार मार्ग का महत्व
सिक्किम स्थित Nathu La Pass ऐतिहासिक रूप से भारत और तिब्बत के बीच व्यापारिक संपर्क का प्रमुख मार्ग रहा है। आधुनिक समय में भी यह सीमा व्यापार और कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा से बढ़ा संपर्क
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नाथू ला मार्ग खुलने से तीर्थयात्रियों को एक वैकल्पिक रास्ता मिला है। इस मार्ग ने धार्मिक पर्यटन और दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क को बढ़ाने में योगदान दिया है।
सिक्किम की रणनीतिक भूमिका
इंद्र हंग ने कहा कि सिक्किम केवल एक सीमावर्ती राज्य नहीं, बल्कि भारत और पड़ोसी देशों के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने क्षेत्र में शांति, विकास और सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ
नाथू ला और कैलाश मानसरोवर मार्ग से जुड़े गतिविधियों से सिक्किम में पर्यटन, स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में भी इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
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