
x
सिक्किम की बड़ी कामयाबी PMFME में सम्मानित
गंगटोक : सिक्किम को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिकीकरण (PMFME) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। नई दिल्ली में आयोजित PMFME कॉन्क्लेव 2026 में सिक्किम के प्रदर्शन को सराहा गया और राज्य को सम्मानित किया गया।
इस उपलब्धि से सिक्किम के स्थानीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण स्तर पर काम करने वाले स्वयं सहायता समूहों को नई पहचान मिली है। PMFME योजना का उद्देश्य छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें मजबूत बनाना है।
गंगटोक जिले को मिला विशेष सम्मान
PMFME कॉन्क्लेव में गंगटोक जिले को सिक्किम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला चुना गया। वहीं सिक्किम के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विभाग की संयुक्त सचिव नविता प्रधान को सर्वश्रेष्ठ जिला नोडल अधिकारी का पुरस्कार मिला।
कार्यक्रम में देशभर के राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, बैंक प्रतिनिधियों, अधिकारियों और PMFME लाभार्थियों ने हिस्सा लिया। सिक्किम के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के स्थानीय खाद्य उत्पादों और उभरते खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
सिक्किम अपने जैविक उत्पादों, बड़ी इलायची, अदरक और अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों के लिए जाना जाता है। PMFME योजना के तहत इन उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे छोटे उद्यमियों को बाजार से जोड़ने में मदद मिल रही है।
योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ऋण से जुड़ी सब्सिडी, स्वयं सहायता समूहों को सहायता और ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए सहयोग दिया जाता है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
अधिकारियों के अनुसार, PMFME योजना से स्थानीय युवाओं, किसानों और छोटे कारोबारियों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। खाद्य उत्पादों को मूल्यवर्धित बनाकर उनकी बिक्री बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सिक्किम को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास और आत्मनिर्भर उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
Next Story





