सिक्किम

Sikkim : गवर्नर और मुख्यमंत्री ने योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की

Kavita2
21 Jun 2026 11:14 AM IST
Sikkim : गवर्नर और मुख्यमंत्री ने योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की
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Sikkim सिक्किम : रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य स्तर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर राज्य के गवर्नर ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने लोगों को बधाई दी और बेहतर स्वास्थ्य, आपसी तालमेल तथा सर्वांगीण विकास के लिए योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम राजधानी गंगटोक के रिज पार्क में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में गवर्नर, कैबिनेट मंत्री, विधायक, छात्र-छात्राएं और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी शामिल हुए। सैकड़ों प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान गवर्नर ओम प्रकाश माथुर ने योग को भारत की प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से योग करने की अपील की।

गवर्नर ने अपने संदेश में कहा कि “योग दुनिया को भारत का एक अनमोल तोहफा है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के कारण आज योग को पूरी दुनिया में वैश्विक पहचान मिली है और विभिन्न देशों में इसे अपनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी इस अवसर पर लोगों को संबोधित किया और कहा कि योग जीवन को अनुशासित और स्वस्थ बनाने का सबसे सरल माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग मानसिक तनाव को कम करने और शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ रखी गई है। इस पर बोलते हुए गवर्नर ने कहा कि यह थीम जीवन के हर चरण में योग की आवश्यकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि योग केवल बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए जरूरी है, क्योंकि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने में मदद करता है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया और नियमित योग करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण शांत, सकारात्मक और ऊर्जा से भरपूर रहा।

स्थानीय लोगों ने भी इस आयोजन की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं। छात्रों ने भी योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की बात कही।

कुल मिलाकर, सिक्किम में आयोजित यह योग दिवस कार्यक्रम न केवल एक सामूहिक आयोजन रहा, बल्कि इसने लोगों को स्वस्थ जीवन और योग के महत्व के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया।

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