सिक्किम

Sikkim: 1 जून से लागू होगा आनंद विवाह अधिनियम, सिख विवाहों को मिलेगी कानूनी मान्यता

Kavita2
19 May 2026 4:58 PM IST
Sikkim: 1 जून से लागू होगा आनंद विवाह अधिनियम, सिख विवाहों को मिलेगी कानूनी मान्यता
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Sikkim सिक्किम: केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि आनंद विवाह अधिनियम 1 जून से सिक्किम में लागू किया जाएगा। इस अधिनियम के लागू होने के बाद सिख जोड़ों के पारंपरिक ‘आनंद कारज’ रीति-रिवाज से हुए विवाहों को अब आधिकारिक कानूनी पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी।

अब तक सिक्किम में सिख समुदाय के जोड़ों को अपने विवाहों को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत पंजीकरण कराना पड़ता था। इस व्यवस्था को लेकर लंबे समय से समुदाय की ओर से अलग कानूनी प्रावधान की मांग की जा रही थी।

14 मई को जारी नोटिफिकेशन में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आनंद विवाह अधिनियम, 1909 को सिक्किम राज्य में 1 जून, 2026 से प्रभावी किया जाएगा। इस निर्णय के साथ राज्य में सिख विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को एक अलग कानूनी ढांचा मिलेगा।

अधिकारियों के अनुसार इस अधिनियम के लागू होने के बाद सिख विवाहों की पहचान और पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक सरल और समुदाय की धार्मिक परंपराओं के अनुरूप हो जाएगी। इससे विवाह प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में भी एकरूपता आने की उम्मीद है।

सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने लंबे समय से यह मांग उठाई थी कि उनके धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार होने वाले विवाहों को अलग कानूनी मान्यता दी जाए। इस अधिनियम के लागू होने से उन्हें हिंदू विवाह अधिनियम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह कदम धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और प्रशासनिक सुविधा दोनों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इससे सिक्किम में सिख समुदाय के विवाह पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं में कमी आने की संभावना है।

फिलहाल राज्य प्रशासन इस अधिनियम के लागू होने से पहले आवश्यक तैयारियों और जागरूकता कार्यक्रमों पर काम कर रहा है, ताकि लागू होने के बाद प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा सके।

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