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BCI मानकों पर खरा उतरेगा सिक्किम गवर्नमेंट लॉ कॉलेज
गंगटोक: सिक्किम हाईकोर्ट ने बुरटुक स्थित सिक्किम गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों के मुताबिक जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिया है। अदालत ने यह निर्देश कॉलेज की सुविधाओं को लेकर गठित फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट पर विचार के बाद दिया।
हाईकोर्ट ने इससे पहले कॉलेज की जर्जर स्थिति और बुनियादी ढांचे से जुड़ी शिकायतों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पांच सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था। कमेटी में सिक्किम बार एसोसिएशन के सदस्य शामिल थे। इसे कॉलेज की इमारत की स्थिति और छात्रों को उपलब्ध सुविधाओं की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया था।
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कॉलेज में कई सुविधाओं की कमी की ओर ध्यान दिलाया। रिपोर्ट के मुताबिक लाइब्रेरी की पर्याप्त व्यवस्था, मूट कोर्ट हॉल, सेमिनार और कार्यक्रमों के लिए उचित कॉन्फ्रेंस हॉल या ऑडिटोरियम, हॉस्टल, पर्याप्त वॉशरूम और शौचालय तथा खेल सुविधाओं से जुड़े मुद्दे सामने आए।
अदालत ने कहा कि रिपोर्ट में सामने आई कुछ कमियां ऐसी हैं, जिनका असर कॉलेज को बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मिली मान्यता पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से गठित टेक्निकल मॉनिटरिंग एंड कोऑर्डिनेशन कमेटी को फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
अदालत के निर्देश के मुताबिक इस तकनीकी समिति में सिक्किम सरकार के लीगल रिमेंब्रांसर-कम-लॉ सेक्रेटरी, फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के संयोजक और उनके द्वारा चुना गया एक सदस्य तथा कॉलेज के प्राचार्य द्वारा नामित एक छात्र प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष को आदेश की प्रति मिलने के एक सप्ताह के भीतर बैठक बुलाने को कहा गया है।
बैठक में मुख्य रूप से यह तय किया जाना है कि BCI के नियमों के अनुसार एक लॉ कॉलेज के लिए किस स्तर की आधारभूत सुविधाएं जरूरी हैं और मौजूदा कॉलेज में किन सुविधाओं को तत्काल बेहतर करने की जरूरत है। फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के संयोजक को BCI नियमों के तहत आवश्यक मानकों की जानकारी समिति के सामने रखने का निर्देश दिया गया है।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि समिति की बैठक में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर सरकार को बिना अनावश्यक देरी के जरूरी कदम उठाने होंगे। इसका उद्देश्य कॉलेज में छात्रों के लिए सुरक्षित और मानक अनुरूप शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
कॉलेज की इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा भी मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे पहले अदालत ने राज्य सरकार के भवन एवं आवास विभाग को इमारत की स्ट्रक्चरल स्थिरता की जांच कराने और रिपोर्ट पेश करने को कहा था। बाद की प्रक्रिया में तकनीकी आकलन को भी आगे बढ़ाया गया।
यह मामला छात्रों की ओर से कॉलेज की खराब सुविधाओं को लेकर उठाई गई चिंताओं के बाद अदालत के सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक छात्रों ने बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की कमी को लेकर कक्षाओं का बहिष्कार भी किया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया।
सिक्किम गवर्नमेंट लॉ कॉलेज लंबे समय से राज्य में कानून की शिक्षा का प्रमुख संस्थान है। कॉलेज के छात्रों ने हाल में राष्ट्रीय स्तर की BCI मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भी अच्छा प्रदर्शन किया था और टॉप-8 में जगह बनाई थी।
अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार की तकनीकी समिति कॉलेज की मौजूदा स्थिति और BCI मानकों की जरूरतों की समीक्षा करेगी। इसके बाद कॉलेज में आवश्यक ढांचागत सुविधाओं को लेकर कार्रवाई की जाएगी। मामले की आगे की सुनवाई 14 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध है।
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