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दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने पर भरत बस्नेत की आपत्ति
गंगटोक: सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता भरत बसनेत ने सिक्किम के नए राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति का विरोध किया है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड से गौतम का नाम जुड़ने के आरोपों का हवाला दिया है।
आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसनेत ने कहा कि इस नियुक्ति ने सिक्किम को एक अनावश्यक विवाद में डाल दिया है, जिससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की गरिमा और प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, "सिक्किम के नागरिकों और बेटियों के पिता होने के नाते, हम अपनी भूमि और राज्य की गरिमा को किसी ऐसे विवाद में नहीं घसीटने देंगे, जिसमें हमारी कोई गलती या संलिप्तता न हो।"
बसनेत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नियुक्ति से मामले की चल रही जांच को लेकर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि संवैधानिक मर्यादा और संस्थाओं में जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए इस मामले की समीक्षा की जाए। उन्होंने भाजपा की सिक्किम इकाई के नेताओं और सदस्यों से भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे भी सिक्किम की जनता के प्रतिनिधि हैं, इसलिए उन्हें पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपनी चिंताएं उठानी चाहिए। बसनेत ने कहा कि इस नियुक्ति के खिलाफ विरोध का उद्देश्य संविधान की रक्षा करना और राज्य की गरिमा को बचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संवैधानिक पदों का इस्तेमाल किसी को कानूनी जांच से बचाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने गौतम से नैतिक आधार पर पद छोड़ने का आग्रह किया और कहा कि इस मामले में 'क्लीन चिट' मिलने के बाद वे कोई संवैधानिक पद संभाल सकते हैं। नए राज्यपाल का शपथ ग्रहण समारोह 19 अक्टूबर को होना है। इसे देखते हुए बसनेत ने सिक्किम के सभी लोगों से—चाहे उनकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो—एकजुट होने और उस दिन कड़ा विरोध दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने विरोध जताने के लिए राज्य में पूरी तरह से 'बंद' (शटडाउन) रखने का सुझाव भी दिया।
बसनेत ने राज्य विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपील की कि वे राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठें और सिक्किम तथा अंकिता भंडारी के परिवार के साथ एकजुट होकर खड़े हों। अंकिता भंडारी की 19 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी। उन्होंने कहा, "आइए, हम सब मिलकर सिक्किम और यहां के लोगों की गरिमा, पहचान और संप्रभुता की रक्षा करें।"
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