
गंगटोक। सिक्किम में लगातार हो रही बारिश के बीच वेस्ट सिक्किम के युक्सोम-ताशीडिंग निर्वाचन क्षेत्र के रिम्बी गांव में बड़े भूस्खलन की घटना सामने आई है। गुरुवार रात 24 सितंबर को पहाड़ी क्षेत्र में जमीन खिसकने के बाद भारी मात्रा में मलबा रिहायशी इलाके की ओर आ गया। इसकी चपेट में आने से कई घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है। बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टर भी भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। राहत की बात यह है कि फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
#WATCH | Sikkim | A major landslide in the Rimbi area has left more than 30 houses affected. The incident was triggered by heavy mudslides and debris coming down from the upper slopes, sending large quantities of mud, rocks and other debris towards the lower areas
— ANI (@ANI) September 25, 2026
(Video source:… pic.twitter.com/5rhBlSoiTB
अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में लगातार बारिश हो रही थी। बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने के बाद गुरुवार रात अचानक पहाड़ी हिस्से से मिट्टी और मलबा नीचे की ओर खिसकने लगा। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में मलबा रिहायशी इलाके तक पहुंच गया। इसकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
भूस्खलन की चपेट में कई मकान आए हैं। कुछ घरों को गंभीर नुकसान पहुंचने की खबर है, जबकि कुछ मकानों के क्षतिग्रस्त या नष्ट होने की बात सामने आई है। मलबे ने बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टरों को भी नुकसान पहुंचाया है। घटना रात में होने के कारण स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
#WATCH | Sikkim | A major landslide triggered by continuous rainfall caused extensive damage in Rimbi Village under the Yuksom-Tashiding Constituency of West Sikkim last night. No loss of life has been reported so far.
— ANI (@ANI) September 25, 2026
(Visual Source: District administration) pic.twitter.com/gdBojiVnIt
रिम्बी गांव पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और लगातार बारिश के दौरान यहां भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। गुरुवार रात हुई घटना के बाद प्रभावित इलाके में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नुकसान का वास्तविक स्तर विस्तृत आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अधिकारियों की ओर से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में अभी तक किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं मिली है। कई घरों के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद जनहानि की खबर नहीं मिलना राहत की बात है। हालांकि प्रभावित क्षेत्र में मलबे और बारिश के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
भूस्खलन के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की कोशिश की। पहाड़ी से दोबारा मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र के आसपास सावधानी बरती जा रही है। लगातार बारिश होने की स्थिति में जमीन के और कमजोर होने का खतरा बना रहता है।
#WATCH | Mangan, Sikkim: A landslide occurred during the intervening night of September 5 - 6, 2026, along the new road cutting of the Naga–Tosa Road in the Naga Forest area of North Sikkim, opposite the Theng Tunnel.
— ANI (@ANI) September 6, 2026
The landslide occurred near the confluence of the Teesta and… pic.twitter.com/tJKBIz7v73
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हालात की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रभावित मकानों और सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। विशेष रूप से बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टरों के क्षतिग्रस्त होने के बाद वहां की स्थिति का निरीक्षण जरूरी हो गया है।
रिम्बी गांव में हुए इस भूस्खलन ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से पैदा होने वाले खतरे को सामने ला दिया है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर होने से अचानक भूस्खलन हो सकता है। ऐसी घटनाओं में मलबा तेजी से नीचे की ओर बढ़ता है और उसके रास्ते में आने वाले मकानों, सड़कों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
गुरुवार रात की घटना में भी मलबा सीधे रिहायशी इलाके की ओर बढ़ा। इससे लोगों को संभलने के लिए बहुत कम समय मिला। कई मकानों के आसपास बड़ी मात्रा में मिट्टी और पत्थर जमा हो गए। कुछ स्थानों पर भवनों को सीधे नुकसान पहुंचा है।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन किए जाने के बाद नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
स्थानीय स्तर पर लोगों को भी मौसम और पहाड़ी ढलानों की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार बारिश के दौरान पहले से कमजोर ढलानों में हलचल होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में मिट्टी खिसकने, दरारें दिखाई देने या पत्थर गिरने जैसी स्थिति सामने आने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना जरूरी हो जाता है।
रिम्बी गांव की घटना में कई परिवारों के घर प्रभावित होने की जानकारी है। जिन मकानों को नुकसान पहुंचा है, वहां रहने वाले लोगों के सामने अब सुरक्षित आवास और आवश्यक सामान की चुनौती भी खड़ी हो सकती है। नुकसान का विस्तृत आकलन होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने मकान पूरी तरह नष्ट हुए और कितने आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
भूस्खलन के कारण बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टरों को नुकसान पहुंचने से सरकारी संपत्ति की क्षति भी हुई है। हालांकि बिजली आपूर्ति या अन्य सेवाओं पर इसका कितना असर पड़ा है, इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों में चिंता है। बारिश जारी रहने पर पहाड़ी इलाकों में और भूस्खलन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है।
पहाड़ी राज्य सिक्किम में मानसून और भारी बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं गंभीर चुनौती बनती हैं। सड़क मार्गों से लेकर रिहायशी क्षेत्रों तक पर इसका असर पड़ सकता है। रिम्बी गांव में हुई घटना में मलबा सीधे आबादी वाले हिस्से तक पहुंचने के कारण नुकसान अधिक हुआ।
फिलहाल प्रभावित इलाके में हालात पर नजर रखी जा रही है। कई घरों और बिजली विभाग के सरकारी क्वार्टरों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। नुकसान का पूरा आकलन होने के बाद प्रभावित मकानों और परिवारों की संख्या के बारे में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना के बाद रिम्बी गांव और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन के लिए फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन करना है।





