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राज्य सैनिक बोर्ड को मिला नया कार्यालय
गंगटोक: मुख्यमंत्री ने राज्य के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सैनिक बोर्ड कार्यालय-सह-सैनिक विश्राम गृह का उद्घाटन किया। इस आधुनिक परिसर के शुरू होने से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे उन्हें सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में अधिक सुविधा मिलेगी।
पूर्व सैनिकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
नवनिर्मित राज्य सैनिक बोर्ड कार्यालय का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिजनों और आश्रितों को बेहतर प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराना है। यहां पेंशन, कल्याणकारी योजनाओं, रोजगार, पुनर्वास और अन्य सुविधाओं से संबंधित सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके साथ ही सैनिक विश्राम गृह में दूर-दराज से आने वाले पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के ठहरने की भी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने सैनिकों के योगदान को सराहा
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और राज्य की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान तथा कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों के हितों से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
आधुनिक सुविधाओं से होगा लाभ
राज्य सैनिक बोर्ड कार्यालय-सह-सैनिक विश्राम गृह को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां आने वाले लोगों को बेहतर आवास, बैठक कक्ष, परामर्श सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इससे पूर्व सैनिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।
सैनिक कल्याण योजनाओं को मिलेगी गति
इस नए परिसर के शुरू होने से राज्य में सैनिक कल्याण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
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