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सिक्किम मानवाधिकार आयोग
गंगटोक: पटना हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी मदन राय को सिक्किम राज्य मानवाधिकार आयोग (SSHRC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सिक्किम सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।
जस्टिस राय का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक, इनमें से जो पहले हो, रहेगा। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने उनकी नियुक्ति पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनका न्यायिक अनुभव राज्य में मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन को और मजबूत करेगा।
पटना हाई कोर्ट की रह चुकी हैं चीफ जस्टिस
जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने जून 2026 में पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला था। वह इस पद पर पहुंचने वाली पटना हाई कोर्ट की दूसरी महिला मुख्य न्यायाधीश बनी थीं। इसके साथ ही वह किसी हाई कोर्ट का नेतृत्व करने वाली सिक्किम की पहली महिला भी बनीं। जुलाई 2026 में वह मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुईं।
सिक्किम की पहली महिला हाई कोर्ट जज
जस्टिस राय का सिक्किम की न्यायपालिका से लंबा जुड़ाव रहा है। उन्होंने 1990 में सिक्किम न्यायिक सेवा में प्रवेश किया और राज्य की पहली महिला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बनीं। बाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और सिक्किम हाई कोर्ट की रजिस्ट्रार जनरल सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। 15 अप्रैल 2015 को उन्हें सिक्किम हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके साथ वह सिक्किम हाई कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश बनीं। उन्होंने कई अवसरों पर सिक्किम हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाली।
मानवाधिकार संरक्षण में अनुभव का मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने नियुक्ति को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जस्टिस राय का लंबा न्यायिक अनुभव और सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता सिक्किम में मानवाधिकार आयोग के कामकाज को मजबूत करेगी। सिक्किम राज्य मानवाधिकार आयोग का प्रमुख दायित्व राज्य में मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों और संबंधित मामलों पर कानून के तहत कार्रवाई करना है। ऐसे में जस्टिस राय की नियुक्ति को आयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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