सिक्किम

SUMP PFR अध्ययन के विरोध के बीच सीएम पेमा खांडू का सियांग दौरा, संवाद पर जोर

nidhi
30 Sept 2026 3:08 PM IST
SUMP PFR अध्ययन के विरोध के बीच सीएम पेमा खांडू का सियांग दौरा, संवाद पर जोर
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SUMP PFR अध्ययन के विरोध

बोलेंग : अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू सियांग और अपर सियांग जिलों के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। उनका यह दौरा प्रस्तावित Siang Upper Multipurpose Project (SUMP) की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट यानी PFR स्टडी को लेकर जारी विरोध के बीच हो रहा है। प्रस्तावित परियोजना की क्षमता 10,000 मेगावाट से अधिक बताई जा रही है। दौरे के पहले दिन खांडू ने बोलेंग में सरकारी अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रारंभिक व्यवहार्यता, स्थानीय परिस्थितियों और आगे की प्रक्रिया को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि सरकार परियोजना को जल्दबाजी में आगे नहीं बढ़ा रही है और फिलहाल फोकस PFR स्टडी पर है।

सरकार का कहना है कि PFR केवल परियोजना की शुरुआती तकनीकी और व्यवहार्यता जांच है। इससे यह तय नहीं होता कि परियोजना को अंतिम मंजूरी मिल गई है या इसका निर्माण निश्चित रूप से होगा। मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी और स्थानीय लोगों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर PFR गतिविधियों का विरोध जारी है। सियांग और अपर सियांग के कुछ आदिवासी और ग्रामीण समूह परियोजना से संभावित सामाजिक, पर्यावरणीय और विस्थापन संबंधी प्रभावों को लेकर चिंता जता रहे हैं। कई गांवों में PFR गतिविधियों के खिलाफ प्रदर्शन भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान Riga, Parong और Riew गांवों के लोगों ने Dite Dime क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खुली सार्वजनिक बैठक की मांग की और कहा कि वे परियोजना को लेकर सीधे मुख्यमंत्री से संवाद चाहते हैं।
Siang Indigenous Farmers’ Forum यानी SIFF ने भी PFR प्रक्रिया का विरोध दोहराया है। संगठन का कहना है कि स्थानीय समुदाय की सहमति के बिना ऐसी गतिविधियों को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। फोरम ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी सवाल उठाए हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में SUMP से जुड़ी PFR गतिविधियों की निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति भी बनाई है। इसका उद्देश्य सर्वे और संबंधित गतिविधियों के दौरान प्रशासनिक समन्वय बनाए रखना और स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दों पर नजर रखना है।
खांडू ने यिंगकियोंग में इस उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता भी की। बैठक में PFR सर्वे की प्रक्रिया, संबंधित विभागों के बीच तालमेल और परियोजना प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस पूरे मामले में सरकार परियोजना को ऊर्जा और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बता रही है, जबकि विरोध करने वाले समूह पर्यावरण, भूमि, आजीविका और स्थानीय समुदायों पर संभावित असर को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
फिलहाल सियांग और अपर सियांग में SUMP की PFR स्टडी को लेकर सरकार और विरोध करने वाले समूहों के बीच मतभेद बने हुए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि आगे की बातचीत किस दिशा में जाती है और स्थानीय समुदायों की चिंताओं को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है।
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