
Sikkim सिक्किम: लाचेन क्षेत्र में फंसे लगभग 1,000 टूरिस्टों को बुधवार सुबह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आर्मी और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन (BRO) ने तारामचू के पास टूटे हुए रोड सेक्शन की मरम्मत कर कनेक्टिविटी बहाल की, जिससे टूरिस्टों को सुरक्षित मार्ग से निकाला जा सका।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने बताया कि टूरिस्टों को लाचेन-डोंगक्या ला-शिव मंदिर-ज़ीरो पॉइंट-युमथांग कॉरिडोर के रास्ते बैच में निकाला गया, ताकि मार्ग सुरक्षित और आसान रहे। यह क्षेत्र ऊंचाई पर स्थित है और मौसम की खराबी और भू-भाग की जटिलता के कारण लोगों के फंसने की घटनाएं आम हैं।
मंगन के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर अनंत जैन और पुलिस अधीक्षक एलबी छेत्री मौके पर मौजूद रहे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। अधिकारियों ने बताया कि तारामचू के पास रोड का एक हिस्सा धंसने के कारण लाचेन के साथ कनेक्टिविटी कई दिनों तक बाधित रही थी। इस वजह से वहां आने वाले टूरिस्ट ऊंचाई वाले इलाके में फंस गए थे।
BRO की टीम ने टूटी हुई सड़क का मरम्मत काम तेज़ी से पूरा किया और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया। आर्मी ने भी टूरिस्टों की सुरक्षा और व्यवस्थित निकासी के लिए आवश्यक कदम उठाए। अधिकारियों ने कहा कि टूरिस्टों को बैचों में भेजा गया ताकि मार्ग पर भीड़ और परेशानी कम हो और सभी को सुरक्षित निकाला जा सके।
रेस्क्यू के दौरान मौसम की अनुकूल स्थिति और तकनीकी सहायता का लाभ लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसे हाई अल्टीट्यूड इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और रोड कंडीशन की पूरी जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
सिक्किम में उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंसे टूरिस्टों को बचाने के लिए BRO और आर्मी के संयुक्त प्रयास लगातार जारी रहते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
इस ऑपरेशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद टूरिस्टों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि टूटी सड़क की मरम्मत के बाद अब लाचेन का कनेक्टिविटी पूरी तरह बहाल हो गई है।
इस घटना ने यह दर्शाया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अचानक होने वाले प्राकृतिक हादसों के बावजूद प्रभावी समन्वय और त्वरित कार्रवाई से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है। भविष्य में ऐसे जोखिम वाले इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करना आवश्यक होगा।





