
राजस्थान | राजस्थान में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने कोटा, जयपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग में 3 अप्रैल तक बारिश और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर आंधी और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से यह बदलाव देखने को मिलेगा, जिसके चलते राज्य में कुछ दिन तक ठंडक बनी रह सकती है। हालांकि, 4 अप्रैल के बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी और गर्मी अपना असर दिखाने लगेगी।
बारिश से किसानों को नुकसान का खतरा
राजस्थान के कई जिलों में किसान रबी फसल की कटाई में जुटे हुए हैं। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से गेहूं, सरसों और चने की फसल प्रभावित हो सकती है। जयपुर, कोटा और अजमेर के किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का आकलन करने और मुआवजे की मांग की है। वहीं, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश हल्की होती है तो इससे फसलों को फायदा भी हो सकता है, लेकिन तेज़ आंधी और ओले गिरने से फसलें खराब होने की संभावना ज्यादा है।
किन इलाकों में बारिश की संभावना?
मौसम विभाग के अनुसार, कोटा, बारां, बूंदी, जयपुर, अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जिलों में हल्की बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। वहीं, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर के कुछ इलाकों में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है।
4 अप्रैल के बाद बढ़ेगा तापमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद राज्य में गर्मी बढ़ने लगेगी। 4 अप्रैल के बाद दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी और कई जिलों में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी हल्की वृद्धि होगी, जिससे गर्मी का असर तेज़ महसूस होगा।
क्या कहना है मौसम विभाग का?
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम 2 अप्रैल से सक्रिय रहेगा और 3 अप्रैल तक इसका प्रभाव रहेगा। इस दौरान स्थानीय स्तर पर बादल विकसित होंगे और हल्की बारिश होगी। 4 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ जाएगा और राज्य में शुष्क हवाएं चलने लगेंगी, जिससे गर्मी तेजी से बढ़ेगी।
नागरिकों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को फसलों को ढंककर रखने की सलाह दी है, ताकि बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान को कम किया जा सके। वहीं, आम नागरिकों को भी तेज़ आंधी और बिजली गिरने से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।





