राजस्थान

वसुंधरा समर्थक देवीसिंह भाटी की भाजपा में हुई वापसी, दूर हुए गिले शिकवे

SANTOSI TANDI
29 Sep 2023 10:04 AM GMT
वसुंधरा समर्थक देवीसिंह भाटी की भाजपा में हुई वापसी, दूर हुए गिले शिकवे
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भाजपा में हुई वापसी, दूर हुए गिले शिकवे
जयपुर एक अरसे भाजपा के नाराज नेता देवीसिंह भाटी की भाजपा में वापसी के कयास लग रहे थे। आखिरकार लंबे समय बाद वसुंधरा गुट के नेता देवी सिंह भाटी की गुरुवार देर रात को जयपुर भाजपा मुख्यालय में पार्टी में वापसी हो गई। रात दस बजे बाद देवीसिंह भाटी के साथ श्रवण कुमार चौधरी, भागचंद सैनी और बीएल रिणवां भाजपा में शामिल हुए। भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, प्रभारी अरूण सिंह और प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी ने इन सभी को पार्टी जॉइन कराई।
पार्टी में पुन: वापसी के बाद देवीसिंह भाटी ने कहा कि 5 साल बाद मेरी भाजपा में वापसी हुई है। पार्टी ने मुझे गले लगाया है। किन्हीं परिस्थितियों के चलते कुछ बिंदुओं पर मैं अलग हो गया था। मेरी वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा हुई। जो भी गिले शिकवे थे, वो दूर हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से भी मेरी बात हो गई है। हम दोनों संतुष्ट हैं। हम मिलकर 2023 में भाजपा की सरकार बनाएंगे।
2019 में छोड़ी थी भाजपा
देवीसिंह भाटी ने साल 2019 के लोकसभा चुनावों में बीकानेर से अर्जुनराम मेघवाल को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज होकर पार्टी छोड़ दी थी। जिसके बाद उन्होंने खुलकर मेघवाल के खिलाफ प्रचार भी किया था। लंबे समय से उनके फिर से पार्टी में लौटने की चर्चा चल रही थी। आखिरकार आज देवी सिंह भाटी की घर वापसी हो गई।
7 बार विधायक रह चुके हैं भाटी
देवीसिंह भाटी साल 1980 में कोलायत विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक चुने गए थे। उसके बाद से वे 2008 तक लगातार इस सीट से विधायक चुनकर आए थे। 2013 में वे चुनाव हार गए थे। 2018 में भाजपा ने उनकी पुत्रवधू पूनम कंवर को टिकट दिया था, लेकिन वो भी कांग्रेस के प्रत्याशी भंवर सिंह भाटी से चुनाव हार गई थी। इसी चुनाव में देवीसिंह भाटी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनकी पुत्रवधू के खिलाफ कैंपन करके चुनाव हरवाया है।
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