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वल्लभनगर विधानसभा उपचुनाव: गुटबाजी ने डुबोई नैया...उपचुनाव के नतीजों से मिले भाजपा को सियासी चुनौतियों के संकेत

Sonali
3 Nov 2021 3:22 PM GMT
वल्लभनगर विधानसभा उपचुनाव: गुटबाजी ने डुबोई नैया...उपचुनाव के नतीजों से मिले भाजपा को सियासी चुनौतियों के संकेत
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वल्लभनगर और धरियावद उपचुनावों के नतीजों ने भाजपा के सामने आगे सियासी चुनौतियों के संकेत दे दिए है. दोनों उपचुनावों में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है. वल्लभनगर में तो भाजपा प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई.

जनता से रिश्ता। वल्लभनगर और धरियावद उपचुनावों के नतीजों ने भाजपा के सामने आगे सियासी चुनौतियों के संकेत दे दिए है. दोनों उपचुनावों में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है. वल्लभनगर में तो भाजपा प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई. जबकि धरियावद में भाजपा तीसरे नंबर पर रही. वरिष्ठ नेताओं के बीच खींचतान, गुटबाजी और बूथ मैनेजमेंट के विफल होने से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है.

वल्लभनगर और धरियावद उपचुनावों के नतीजों ने भाजपा के सामने आगे सियासी चुनौतियों के संकेत दे दिए है. दोनों उपचुनावों में भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है. वल्लभनगर में तो भाजपा प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई. जबकि धरियावद में भाजपा तीसरे नंबर पर रही. वरिष्ठ नेताओं के बीच खींचतान, गुटबाजी और बूथ मैनेजमेंट के विफल होने से भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है.
ऐसे में भाजपा ने वल्लभनगर विधानसभा उपचुनाव में नई रणनीति के तहत युवा प्रत्याशी हिम्मत सिंह झाला को मैदान में उतारा था. लेकिन झाला भी भाजपा को जीत दिलाने में सफल नहीं हो पाए. झाला की जमानत भी चुनाव में जब्त हो गई.राजनीतिक जानकार बताते हैं कि भाजपा में आंतरिक गुटबाजी और टिकट देने पर विवाद खड़े हुए. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया उदय लाल डांगी को टिकट दिलाना चाहते थे. डांगी को टिकट नहीं दिया गया. प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह गुटबाजी पर लगाम नहीं लगा सके.
भाजपा का बूथ मैनेजमेंट रहा विफल
नामांकन दाखिल करने के कुछ दिन पूर्व तक भ्रम बना रहा कि टिकट किसको मिलेगा. कांग्रेस ने अपने टिकट बंटवारे के लिए पहले से ही घोषणा कर दी थी. ऐसे में भाजपा का बूथ मैनेजमेंट वोटरों को मतदान केंद्र तक लाने में विफल रही. लेकिन आखिरकार भाजपा ने हिम्मत सिंह झाला को मैदान में उतार दिया. जिससे पार्टी के कई वरिष्ठ नेता खफा थे. वहीं भाजपा ने अपने पूर्व उम्मीदवार उदय लाल डांगी का टिकट काट दिया. जिससे खफा होकर डांगी ने आरएलपी का दामन थाम लिया.आरएलपी ने समय का तकाजा देखते हुए उन्हें उम्मीदवार बना दिया.
आरएलपी उम्मीदवार डांगी ने भाजपा के वोटों में लगाई सेंध
डांगी दूसरे नंबर पर रहे. ऐसे में भाजपा का खेल बिगाड़ने में आरएलपी के उम्मीदवार डांगी की बड़ी भूमिका रही. जनता सेना प्रमुख रणधीर सिंह भिंडर जो तीसरे नंबर पर रहे. दोनों ने भाजपा के वोटों में सेंध लगाई. कांग्रेस की बगावत के सुर थे. लेकिन कांग्रेस बगावत को थामने में सफल रही. जिसकी वजह से कांग्रेस दोनों सीटों पर चुनाव जीतने में सफल रही.


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