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Udaipur: कृति मेहता ने अपनाया आध्यात्मिक मार्ग

Admindelhi1
25 April 2026 11:03 AM IST
Udaipur: कृति मेहता ने अपनाया आध्यात्मिक मार्ग
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उदयपुर: भौतिकता और करियर की दौड़ के बीच उदयपुर की 23 वर्षीय कृति मेहता ने सांसारिक जीवन का त्याग कर जैन भागवती दीक्षा ग्रहण कर ली। बी-टेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहीं कृति ने उच्च शिक्षा और संभावित करियर को छोड़कर संयम मार्ग अपनाया। उनकी यह गुप्त दीक्षा अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार कृति मेहता ने चार अन्य मुमुक्षु बहनों के साथ बीकानेर जिले के नोखा कस्बे के जोरावरपुरा स्थित बाड़ी शिव मंदिर परिसर में दीक्षा ली। यह दीक्षा समारोह भगवान महावीर की परंपरा के 82वें आचार्य रमेश महाराज तथा उपाध्याय प्रवर्तक राजेश मुनि महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। समारोह में सबसे भावुक क्षण तब आया जब पहले से घोषित चार मुमुक्षुओं के साथ उदयपुर की कृति मेहता ने भी गुप्त रूप से दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा विधि शुरू होने तक किसी को इसकी जानकारी नहीं थी।

कृति मेहता मूल रूप से बड़ी सादड़ी की निवासी हैं और वर्तमान में उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर-4 में अपने परिवार के साथ रहती थीं। उनके पिता सुनील मेहता स्टेशनरी व्यवसाय से जुड़े हैं। धार्मिक संस्कारों वाले परिवार में पली-बढ़ी कृति बी-टेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही थीं, लेकिन पिछले कई वर्षों से उनके मन में वैराग्य की भावना प्रबल हो रही थी। अंततः उन्होंने 23 वर्ष की आयु में संयम जीवन अपनाने का निर्णय लिया।

दीक्षा के बाद आचार्य द्वारा उनका नया नाम साध्वी रामकर्णिका श्रीजी महाराज रखा गया। अन्य नवदीक्षित साध्वियों में विनुषी भंडारी को साध्वी रामवीणा, कविता बोथरा को साध्वी रामकाव्या, यशवी जैन को साध्वी रामयशा और एकता कातेला को साध्वी रामकली नाम प्रदान किया गया।

दीक्षा के बाद साध्वियां मोबाइल, वाहन और अन्य भौतिक साधनों का त्याग कर गुरु आज्ञा में संयम जीवन व्यतीत करती हैं। कृति मेहता का यह निर्णय उदयपुर सहित जैन समाज के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है।

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