राजस्थान

खाटूश्याम दर्शन से पहले मातम! कोटा में पुलिया से नीचे गिरी श्रद्धालुओं की बस, 8 लोगों की मौत

Triveni
17 Oct 2026 9:47 AM IST
खाटूश्याम दर्शन से पहले मातम! कोटा में पुलिया से नीचे गिरी श्रद्धालुओं की बस,  8 लोगों की मौत
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चालक को झपकी आने की आशंका
कोटा : राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की तड़के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। सीमलिया थाना क्षेत्र के कराड़िया गांव के पास श्रद्धालुओं से भरी एक टेम्पो ट्रैवलर मिनी बस अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे नाले में जा गिरी। शुरुआती जानकारी में हादसे में आठ लोगों की मौत और 23 यात्रियों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर है। हादसे में प्रभावित श्रद्धालु मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल क्षेत्र के बताए जा रहे हैं, जो सीकर स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तड़के हुआ भीषण हादसा
जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं से भरी मिनी बस शनिवार तड़के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से गुजर रही थी। इसी दौरान कोटा जिले के कराड़िया गांव के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। बस सड़क से नीचे उतरकर पुलिया के पास गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री उसके अंदर फंस गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण सहायता के लिए पहुंचे और पुलिस तथा एंबुलेंस सेवाओं को सूचना दी गई।
भोपाल और बैतूल से खाटूश्यामजी दर्शन करने निकले थे श्रद्धालु
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मिनी बस में सवार श्रद्धालु मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल जिले से धार्मिक यात्रा पर निकले थे। उनका गंतव्य राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर था। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रहे थे, लेकिन कोटा के पास हुए हादसे ने यात्रा को दुखद घटना में बदल दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों और घायलों के परिवारों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
चालक को नींद की झपकी आने की आशंका
हादसे की शुरुआती जांच में चालक को नींद की झपकी आने की आशंका जताई गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन की गति अधिक होने और चालक का नियंत्रण बिगड़ने से मिनी बस सड़क से नीचे जा गिरी। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का अंतिम निर्धारण पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस वाहन की स्थिति, घटनास्थल के साक्ष्यों और दुर्घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।
अंधेरे और दलदल ने बढ़ाईं रेस्क्यू टीम की मुश्किलें
दुर्घटना तड़के हुई थी, इसलिए घटनास्थल पर अंधेरा था। इसके अलावा पुलिया के नीचे नाला और दलदली जमीन होने से राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी हुई। सूचना मिलते ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की आपातकालीन एंबुलेंस और सीमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस तथा बचाव दल ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से क्षतिग्रस्त मिनी बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए मोर्चरी में रखवाया गया।
मृतकों की पहचान और घायलों के उपचार की प्रक्रिया जारी
प्रारंभिक रिपोर्टों में मृतकों की संख्या सात से आठ के बीच बताई गई है। घायलों की संख्या के संबंध में भी अंतिम आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। पुलिस मृतकों की पहचान, परिजनों को सूचना देने और हादसे की परिस्थितियों की जांच में जुटी है। घायल यात्रियों के उपचार की व्यवस्था की जा रही है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति और दुर्घटना से जुड़े अतिरिक्त विवरण स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अपडेट से स्पष्ट होंगे।
एक्सप्रेसवे पर लंबी यात्रा के दौरान सावधानी जरूरी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे तेज रफ्तार मार्गों पर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक की थकान, नींद और वाहन की गति महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी पहलू हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार वाहन चलाने से चालक की सतर्कता प्रभावित हो सकती है। खासकर रात और तड़के के समय पर्याप्त विश्राम के बिना लंबी यात्रा करना जोखिम बढ़ा सकता है। वाहन चालकों को लंबी यात्रा के दौरान नियमित विश्राम, गति सीमा का पालन और सीट बेल्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
सीमलिया थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि वाहन किस परिस्थिति में अनियंत्रित हुआ और दुर्घटना में किन कारणों की भूमिका रही। घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। हादसे में मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या, उनकी पहचान तथा दुर्घटना के कारणों के बारे में आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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