राजस्थान

इस कपल ने साइकिल पर सफर कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का दे रहा संदेश

Manish Sahu
27 Aug 2023 8:50 AM GMT
इस कपल ने साइकिल पर सफर कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का दे रहा संदेश
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राजस्थान: आजकल कई युवा पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आ रहे हैं. आपने भी पर्यावरण सुरक्षा को लेकर कई साइकिल और वाहन रैली देखी होगी. मगर आमतौर पर पर्यावरण बचाने को लेकर हर व्यक्ति साइकिल पर अकेले यात्रा करता है या फिर एक समूह के साथ यात्रा करता है. लेकिन ऐसा पहली बार देखने को मिला है जहां पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर पश्चिम बंगाल से एक कपल साइकिल यात्रा पर निकला है. इसमें खास बात यह है कि यह कपल जब पर्यावरण सुरक्षा को लेकर साइकिल यात्रा पर निकला तब उनकी जेब में ज्यादा पैसे नहीं थे. ऐसे में जगह-जगह पर पर्यावरण प्रेमियों ने इनकी मदद की और इनकी हौसला अफजाई की. अलवर से रवाना होने पर इन्हें जिला जज हरेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जिले से पर्यावरण संरक्षण के लिए निकले सोमेन ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ यह यात्रा करीब 8 महीने पहले 26 जनवरी को इन्होंने यह साइकिल यात्रा का सफर शुरू किया. जो जम्मू कश्मीर,लेह लद्दाख , हिमाचल प्रदेश , हरियाणा , उत्तर प्रदेश , दिल्ली , बिहार,उत्तराखंड , पंजाब से होते हुए राजस्थान के अलवर जिले में 25 अगस्त को पहुंचे. सोमेन ने बताया कि हम ने लगभग 9 हजार किलोमीटर का सफर तय करके अलवर पहुंचे हैं. बता दें पैसे से यह मार्केटिंग जॉब करते हैं तथा 1 साल की छुट्टी लेकर यह पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर भारत भ्रमण पर निकले हैं. यह देश का पहला ऐसा कपल है जो साइकिल यात्रा पर पर्यावरण संदेश दे रहा है.
पर्यावरण बचाने का संदेश
सोमेन ने बताया कि हमारा हमारा मैसेज यह है कि सेव सोईल व सेव ग्रीन साथ ही कीप साइकिल एंड स्टे हेल्दी है. इस मैसेज के साथ हम पूरे देश भर में ट्रेवल कर रहे हैं और लोगों को समझाइए इस भी कर रहे हैं. जिससे लोग मिट्टी को बचाने वसाइकिलिंग के लिए आगे आए. सोमेन ने बताया कि अभी हमारा करीब 7 से 8 हजार किलोमीटर का लक्ष्य और है. राजस्थान में एंट्री से पहले हमने 18 राज्य भ्रमण कर लिए हैं. 19वा राज्य हमारा राजस्थान है. इसके बाद हम साउथ की तरफ निकलेंगे.
इस तरह से हुए मोटिव
सोमेन ने अपने इस विचार के बारे में बताया कि उन्होंने कई साइकिलिस्ट को अलग-अलग मुहिम के तहत साइकलिंग यात्रा के लिए निकलते हुए देखा. वहीं से उन्हें प्रेरणा मिली कि उन्हें मिट्टी बचाने का संदेश लेकर भारत भ्रमण पर निकलना है. उन्होंने इस मुहिम में अपनी यात्रा की शुरूआत की. यदि व्यक्ति साइकिल यात्रा करता है और बिना मोटिव के चलता है. व्यक्ति को पता नहीं चलता है वह किस मुहिम के लिए निकला है. सोमेन ने बताया कि यह उनका ही आईडिया था. बाद में उनकी पत्नी इसमें शामिल हुई. जब उन्होंने सोमेन को अकेला जाने से मना किया तब उन्होंने कहा कि साथ में वह भी चलेगी. सोमेन की पत्नी लक्ष्मी ने बताया हम लोग एक दिन में करीब 70 से 100 किलोमीटर तक दूरी तय करते हैं.
उसके बाद पास में मंदिर या गुरुद्वारा देखकर वहां रात्रि विश्राम करते हैं. हम साथ में टेंट भी लेकर निकले हैं. लक्ष्मी ने बताया कि हमारा 1 साल का टारगेट लेकर हम निकले थे कि 1 साल में हम लोग अपनी इस मुहिम को पूरे देश में लेकर यात्रा करेंगे. शुरुआती समय में हमें लगा कि किस तरह कैसे यह काम पूरा हो पाएगा. लेकिन धीरे-धीरे लोग मिलते गए और हमारा हौसला अफजाई करते गए और आज हम कह सकते हैं कि लोगों द्वारा अच्छा में अच्छा सपोर्ट मिल रहा है.
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