राजस्थान

सरकार के रवैये के कारण की है हड़ताल, मांगे नहीं मानी इसलिए मजबूरी में बंद कर रहे हैं पेट्रोल पंप

Nidhi Singh
25 Oct 2021 9:15 AM GMT
सरकार के रवैये के कारण की है हड़ताल, मांगे नहीं मानी इसलिए मजबूरी में बंद कर रहे हैं पेट्रोल पंप
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राजस्थान के बीकानेर (rajasthan bikaner) में सोमवार यानि 25 अक्टूबर को 700 से अधिक पेट्रोल पंप बंद (petrol pump close) रहेंगे.

राजस्थान के बीकानेर (rajasthan bikaner) में सोमवार यानि 25 अक्टूबर को 700 से अधिक पेट्रोल पंप बंद (petrol pump close) रहेंगे. इस दौरान संभाग के किसी भी पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री नहीं की जाएगी. वहीं फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की सेवाओं को इस बंदी से मुक्त रखा गया है. श्रीगंगानगर में ट्रेडर्स एसोसिएशन भवन में पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की आवश्यक बैठक आयोजित की गई.

जिसमें संयुक्त व्यापार मंडल के साथ-साथ किसान संगठन भी उपस्थित रहे. पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष आशुतोष गुप्ता ने बताया कि संभाग में बायोडीजल के रूप में आने वाले अवैध नकली डीजल और बेस आयल पैराफिन पर रोक लगाने सहित 9 मांगों को लेकर उनके द्वारा राज्य सरकार से कई बार मांग की जा चुकी है.
सरकार ने मांगे नहीं मानी इसलिए मजबूरी में बंद कर रहे हैं पेट्रोल पंप
लेकिन फिर भी राज्य सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी. इसलिए मजबूर होकर उन्हें अपने पूर्व घोषणा के अनुरूप 25 अक्टूबर से पूरे बीकानेर संभाग के पेट्रोल पंप बंद करने पड़ रहे हैं. श्रीगंगानगर के नजदीकी पंजाब और हरियाणा में श्रीगंगानगर के मुकाबले 11 रूपये पेट्रोल डीजल की कीमत कम होने के चलते भारी मात्रा में पेट्रोल डीजल की तस्करी हो रही है. और पेट्रोल पंप मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
हरियाणा पंजाब से आने वाले डीजल पेट्रोल की तस्करी पर रोक लगे
ट्रेडर्स एसोसिएशन भवन में जयदीप बिहानी ,कृष्ण मील, तरसेम गुप्ता ,रणजीत सिंह राजू ,धर्मवीर डूडेजा, आशुतोष गुप्ता सहित अनेक पेट्रोल पंप संचालक उपस्थित रहे. बैठक में बीकानेर संभाग में पूरी तरह से बंदी की बात को लेकर 9 बिंदु पर राज्य सरकार से अपनी मांग की. बैठक में कहा गया है कि हरियाणा पंजाब से आने वाले डीजल पेट्रोल की तस्करी पर रोक लगे साथ ही संपूर्ण राज्य में एलपीजी की तरह पूल अकाउंट के माध्यम से एक राज्य में एक तरह ही मूल्य निर्धारित हों. इसके अलावा राज्य सरकार से कोरोना का काल में बढ़ाया गया बचा हुआ 6% वेट को तुरंत प्रभाव से वापस दिए जाने की भी मांग की गई है.
सरकार के रवैये के कारण की है हड़ताल
ज्ञापन में 9 बिंदु के माध्यम से अपनी मांगे कही गई है. साथ ही साथ इस में पेट्रोल डीजल की तस्करी को रोकने के लिए काश्तकारों को भी जिम्मेदार ठहराया गया है. नियमानुसार काश्तकार 2500 लीटर एक समय में लाने और भंडारण करने की छूट है. जबकि वर्तमान समय में काश्तकार डीजल का मूल्य ध्यान में रखते हुए लगभग 25 लीटर डीजल और लगभग 300000 लाख रूपये का डीजल एक समय में न तो खरीदने की क्षमता रखता है तथा न हीं आयकर में इस प्रकार का प्रावधान है.
जबकि इसे 1000 लीटर तक सीमित किया जाए. इसके लिए आदेश और आबकारी विभाग की तरह कार्यवाही की जाए. एसोसिएशन का मानना है कि ढाई हजार लीटर एक समय में लाने की छूट के चलते भारी मात्रा में डीजल की तस्करी हो रही है. पेट्रोल पंपों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से आम जनता को होने वाली भारी परेशानी की जिम्मेदारी सरकार पर डालते हुए एसोसिएशन का कहना है कि इस हड़ताल की पूरी जिम्मेदार सिर्फ सरकार है. अगर सरकार समय रहते मांगे मान लेती तो एसोसिएशन हड़ताल नहीं करती.
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