राजस्थान

करौली -जोधपुर में हुई हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने सीएम गहलोत से इन घटनाओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की

Ritisha Jaiswal
8 May 2022 8:58 PM IST
करौली -जोधपुर में हुई हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी,  केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने सीएम गहलोत से इन घटनाओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की
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राजस्थान के करौली और जोधपुर में हुई हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीएम गहलोत से इन घटनाओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

राजस्थान के करौली और जोधपुर में हुई हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीएम गहलोत से इन घटनाओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। शेखावत नेजोधपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि करौली के दंगों में पीएफआई का नाम आ रहा है‌। कहीं जोधपुर की घटना से भी इसका संबंध न हो इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए। शेखावत ने कहा कि जांच बिना दबाव के और तेज गति से होनी चाहिए। शेखावत ने प्रदेश में हो रही हिंसक घटनाओं के लिए सीएम अशोक गहलोत पर भी जमकर निशाना साधा

शेखावत बोले- निर्दोष पर न हो कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जोधपुर में अब हालात सामान्य हो रहे हैं। जिला कलेक्टर व कमिश्नर से साफ कहा गया है कि निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और अपराधी बचने नहीं चाहिए। भाजपा और आरएसएस को निशाना बनाने के सवाल पर शेखावत बोले कि कोई भी व्यक्तिगत रूप से किसी के विरुद्ध भी मामला दर्ज करवा सकता है लेकिन पुलिस की ओर से जो एफआईआर दर्ज की गई उनमें ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जो मौके पर नहीं थे या उनकी कोई परोक्ष भूमिका नहीं थी, जो दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन पर अदृश्य दबाव है।
जोधपुर में 2 मई को हुई थी हिंसा
उल्लेखनीय है कि 2 मई की रात जोधपुर के जालोरी गेट पर हुई घटना के अगले दिन उसी स्थान पर हुए पथराव के बाद भीतरी शहर में हिंसा हुई जिसके चलते कर्फ्यू लगाना पड़ा था। जो अभी जारी है। रविवार को कर्फ्यू में 8 घंटे की ढील दी गई है। जोधपुर में हालता सामान्य होते जा रहे हैं। गहलोत सरकार ने जोधपुर और करौली की घटनाओं की जांच के लिए एडीजी की अध्यक्षता में एक जांच दल का गठन किया है। जांच दल यह पता लगाएगा कि हिंसक घटनाओं के पीछे किसका हाथ है। जांच दल एक महीने में पूरी जांच कर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौपेंगा। जोधपुर की घटना में पुलिस ने 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।



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