राजस्थान

नई शिक्षा नीति 2020 से बदलेगा शिक्षा का स्वरूप, निजी स्कूलों की फीस पर सरकार रखेगी नियंत्रण

SHIDDHANT
30 Oct 2025 12:15 AM IST
नई शिक्षा नीति 2020 से बदलेगा शिक्षा का स्वरूप, निजी स्कूलों की फीस पर सरकार रखेगी नियंत्रण
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Rajasthan राजस्थान: भरतपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के मंत्री जवाहर सिंह बेधम (Jawahar Singh Bedham) ने केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 (New Education Policy 2020) को देश के शिक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस नीति के माध्यम से बच्चों को मातृभाषा आधारित और कौशल विकास केंद्रित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे देश का भविष्य सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा। बेधम ने कहा, “भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 लागू की है। इस नीति के तहत हमारे बच्चे अब हमारी अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़कर शिक्षा प्राप्त करेंगे। विद्यालयों में व्यवहारिक और तकनीकी शिक्षा पर भी जोर दिया गया है, जिससे विद्यार्थी केवल पढ़ाई तक सीमित न रहें बल्कि रोजगारोन्मुखी कौशल भी सीख सकें।”
मंत्री ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार के साथ-साथ निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर भी सरकार की पैनी नजर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय-समय पर राज्य सरकार इस दिशा में हस्तक्षेप करती रही है ताकि अभिभावकों पर आर्थिक बोझ न बढ़े। “यह सही है कि सरकार को समय-समय पर फीस नियंत्रण के लिए कदम उठाने होते हैं। हमने कई बार निजी स्कूलों से जवाब तलब किया है और जरूरत पड़ने पर दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं,” बेधम ने कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में डिजिटल कक्षाओं, स्मार्ट बोर्डों और पुस्तकालय सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी जारी है। मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति से न केवल शिक्षण पद्धति बदलेगी, बल्कि यह छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना और रोजगार सृजन की क्षमता भी बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा प्रदान करना है, चाहे वह शहर में रहता हो या गांव में।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री बेधम ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र की नीतियों के अनुरूप शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को नई शिक्षा प्रणाली के साथ प्रोत्साहित करें ताकि वे आने वाले समय में देश की प्रगति में योगदान दे सकें।
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