राजस्थान

क्षत्रिय महासभा ने ईडब्ल्यूएस व्यवस्था के अध्ययन की मांग की

Admindelhi1
6 Oct 2026 10:42 AM IST
क्षत्रिय महासभा ने ईडब्ल्यूएस व्यवस्था के अध्ययन की मांग की
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ईडब्ल्यूएस व्यवस्था के अध्ययन को राष्ट्रीय आयोग जरूरी: महासभा

जयपुर: अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा राजस्थान प्रदेश ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के पात्र परिवारों, विद्यार्थियों और युवाओं के हित में पात्रता नियमों के सरलीकरण एवं आवश्यक संशोधन की मांग की है। महासभा की ओर से जयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में राजस्थान की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर पर भी आयोग गठित करने का सुझाव दिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मेश कुमार सिंह ने कहा कि ईडब्ल्यूएस से जुड़े नियम लाखों परिवारों और युवाओं के अवसरों से संबंधित हैं। प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया को सरल, सुगम और समयबद्ध बनाने तथा केंद्र और राज्य स्तर की प्रक्रियाओं में बेहतर समन्वय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के हितों से जुड़े संगठनों को इस विषय पर एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि ईडब्ल्यूएस पात्रता में कृषि भूमि की सीमा के निर्धारण में राजस्थान की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने बाड़मेर, जैसलमेर, बालोतरा, बीकानेर, चूरू, नागौर सहित पश्चिमी राजस्थान और अन्य असिंचित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में कृषि काफी हद तक वर्षा आधारित है तथा भूमि की उत्पादकता भी अलग-अलग है। ऐसे में केवल भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर पात्रता तय करने के बजाय सिंचाई, उत्पादकता, भौगोलिक स्थिति और परिवार की वास्तविक आर्थिक परिस्थितियों को भी आधार बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने राजस्थान में सामान्य वर्ग से जुड़े विषयों के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष पद पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की। साथ ही देशभर में ईडब्ल्यूएस पात्रता मानदंड, प्रमाण-पत्र प्रक्रिया और क्षेत्रीय विषमताओं का अध्ययन करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी आयोग गठित करने का सुझाव दिया। महासभा ने आयोग में विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और ईडब्ल्यूएस वर्ग के प्रतिनिधियों की सहभागिता की भी मांग की।

महासभा ने केंद्र एवं राज्य सरकार से ईडब्ल्यूएस नियमों पर व्यापक विचार-विमर्श कर आवश्यक संशोधन करने, राजस्थान के आयोग को पूर्ण रूप से सक्रिय करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर आयोग गठित करने का आग्रह किया। साथ ही सामान्य वर्ग के हितों के लिए कार्यरत सामाजिक संगठनों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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