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राजस्थान के राज्यपाल ने कहा- खेतों के असली कृषि वैज्ञानिक हैं किसान

Gulabi
22 Sep 2021 5:15 PM GMT
राजस्थान के राज्यपाल ने कहा- खेतों के असली कृषि वैज्ञानिक हैं किसान
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राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि कृषि शिक्षा (Agriculture Education) के लिए कही कोई एक कॉलेज भी खुलता है

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि कृषि शिक्षा (Agriculture Education) के लिए कही कोई एक कॉलेज भी खुलता है तो वह युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ उन्हें अर्थव्यवस्था में योगदान देने का अवसर प्रदान करने जैसा है. उन्होंने युवाओं को कृषि से जोड़ने के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देने, कृषि शिक्षा के तहत सूचना-संचार तकनीक आधारित खेती को बढ़ाने और स्थानीय जलवायु (Climate) के अनुरूप कम पानी में अधिक उत्पादन वाली फसलों की पहचान करने पर जोर दिया.

राज्यपाल बुधवार को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर की संघटक इकाई के रूप में स्थापित कृषि महाविद्यालय, डूंगरपुर के शुरू होने पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे कृषि शिक्षा के दौरान ही युवाओं को एक उद्यमी के रूप में सफल होने के लिए तैयार करें. कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप (Agri startup) के लिए भी युवाओं को प्रेरित करने की जरूरत है.
चक्रीय परती प्रणाली की चर्चा
राज्यपाल ने कृषि के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण, विपणन आदि के साथ फार्म टूरिज्म (Farm Tourism) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की चर्चा करते हुए कहा कि कृषि शिक्षा इस समय सबसे बड़ी जरूरत है. युवा खेती में नवीन और आधुनिक रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें. खेती को समयानुरूप आधुनिक करने के साथ ही कृषि सुधारों के लिए पारंपरिक कृषि की भारतीय पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर दिया. वैदिक खेती की चक्रीय परती प्रणाली की चर्चा करते हुए कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने, कम पानी में अधिक फसल और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन में ऐसे पारंपरिक तरीके बेहद कारगर हो सकते हैं.
असली कृषि वैज्ञानिक हैं किसान
राज्यपाल ने कहा कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े लोग कृषि वैज्ञानिक कहे जाते हैं परन्तु खेतों के असली कृषि वैज्ञानिक किसान हैं. उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों के परम्परागत ज्ञान को सहेजते हुए कृषि शिक्षा में गुणवत्ता के साथ ही शोध व कृषि प्रसार गतिविधियों में गुणात्मक सुधार करने के लिए भी निरंतर कार्य किए जाने पर जोर दिया.
दो साल में 13 कृषि महाविद्यालय खोलने का फैसला
इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कृषि क्षेत्र पर ग्रामीण आबादी की निर्भरता को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा गत दो वर्ष में 13 कृषि महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है. आदिवासी क्षेत्र में कृषि महाविद्यालय प्रारम्भ होने से यहां के छात्रों की लम्बे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है.
सरसों, बाजरा उत्पादन में अव्वल
कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार ही उत्पादन में वृद्धि की कुंजी हैं. राजस्थान सरसों (Mustard), बाजरा सहित कई फसलों के उत्पादन में देशभर में अग्रणी है. दुग्ध उत्पादन में भी राजस्थान पूरे देश में दूसरे स्थान पर है. पशुधन की नस्लों को लेकर भी राजस्थन की अपनी विशिष्ट पहचान है. कृषि एवं पशुपालन राज्य मंत्री भजनलाल जाटव ने कहा कि कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन देकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए राजस्थान में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं.
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