राजस्थान

24 जुलाई को हुआ था हमला, जयपुर के हॉस्पिटल में चल रहा था इलाज

SANTOSI TANDI
17 Aug 2023 2:09 PM GMT
24 जुलाई को हुआ था हमला, जयपुर के हॉस्पिटल में चल रहा था इलाज
x
हॉस्पिटल में चल रहा था इलाज
बारां जिले के अटरू थाना क्षेत्र के बंमोरी कस्बे के पास 24 जुलाई को हमले में गंभीर घायल कांग्रेस नेता ने इलाज के दौरान बुधवार रात को जयपुर में दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह इसकी सूचना जैसे ही इलाके के लोगों को मिली वे अटरू इलाके में अटरू-खानपुर स्टेट हाईवे पर गऊघाट के पास धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन करने लगे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को पुलिस निगरानी में झारखंड गांव, थाना क्षेत्र मोठपुर ले जाया रहा था। इसी दौरान आक्रोशित लोगों ने दोपहर करीब 2 बजे गऊघाट के पास लोक परिवहन की बस में आग लगा दी। यहां कई अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की गई। हंगामे की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।
बारां जिले के अटरू इलाके में अटरू-खानपुर स्टेट हाईवे पर गऊघाट के पास आक्रोशित भीड़ ने लोक परिवहन की बस में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे आग लगा दी।
बारां जिले के अटरू इलाके में अटरू-खानपुर स्टेट हाईवे पर गऊघाट के पास आक्रोशित भीड़ ने लोक परिवहन की बस में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे आग लगा दी।
15 से 20 लोगों ने घेर कर किया था हमला
अटरू थानाधिकारी रामबिलास गुर्जर ने बताया- 24 जुलाई की शाम को बारां के मोठपुर थाना इलाके के गांव झारखंड निवासी कांग्रेस नेता दिनेश मीणा, उसका चाचा मोहनलाल मीणा, लखन मीणा, सुरेंद्र मीणा सहकारी समिति के चुनावों के लिए दो अलग-अलग बाइकों से अटरू थाना इलाके के बमोरी गांव में गए थे। लौटते वक्त एक बाइक पर दिनेश मीणा और लखन आटोन की ओर जा रहे थे। बंमोरी निवासी पंकज नागर के मकान के पास मौजूद पंकज नागर, ललित नागर, द्वारका लाल नागर, जगदीश, जगमोहन नागर और उनके 15-20 साथी खड़े थे। उन्होंने बाइक सवार दिनेश और लखन पर फावड़े से हमला किया। बाइक सवार दोनों लोग मौके से जान बचाकर निकल गए। आरोपियों ने उनका पीछा कर गांव से कुछ ही दूर घेरकर रोक लिया। आरोपियों ने दिनेश मीणा और लखन मीणा पर लाठी-डंडों, तलवार, सरिए और धारदार हथियारों से हमला किया।
बारां जिले के अटरू थाना इलाके के बमोरी गांव में 24 जुलाई को हमले में घायल कांग्रेस नेता दिनेश मीणा की बुधवार रात को इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो गई।
बारां जिले के अटरू थाना इलाके के बमोरी गांव में 24 जुलाई को हमले में घायल कांग्रेस नेता दिनेश मीणा की बुधवार रात को इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो गई।
कोटा से जयपुर किया था रेफर
कुछ देर बाद दूसरी बाइक सवार मोहन लाल और सुरेंद्र भी मौके पहुंचे। आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया था। हमले में दिनेश मीणा और मोहन लाल गंभीर घायल हो गए। बीच-बचाव में लखन और सुरेंद्र भी घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। गंभीर घायल मोहन लाल और दिनेश को बारां रेफर कर दिया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद दिनेश को गंभीर हालत होने पर कोटा और वहां से जयपुर रेफर कर दिया गया था। यहां उसका प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। बुधवार को मौत हो गई।
आक्रोशित लोगों के आग लगाए जाने के बाद लोक परिवहन की बस की यह हालत हो गई।
आक्रोशित लोगों के आग लगाए जाने के बाद लोक परिवहन की बस की यह हालत हो गई।
जयपुर में फोर्टिस अस्पताल में कराया था भर्ती
घायल कांग्रेस नेता का जयपुर के फोर्टिस हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। बुधवार रात को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद जयपुर में पोस्टमॉर्टम कराकर गुरुवार को पुलिस निगरानी में शव गांव झारखंड ले जाया रहा था। इसकी सूचना जैसे ही इलाके के लोगों को मिली वे अटरू इलाके में अटरू-खानपुर स्टेट हाईवे पर गऊघाट के पास धरने पर बैठ गए। पूरे मामले को लेकर एसपी राजकुमार चौधरी और कलेक्टर नरेंद्र गुप्ता नजर रखे हुए हैं।
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी, आरोपियों को बचाने का आरोप
कांग्रेस नेता नरेश मीना की अगुवाई में खानपुर-अटरू रोड स्टेट हाईवे पर गऊघाट के काला तालाब के पास शव लेकर धरने पर बैठे लोगों ने खान मंत्री प्रमोद जैन भाया, पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अटरू क्षेत्र के गऊघाट, बम्बोरी ओर झारखंड समेत आसपास के गांवों में तनाव का माहौल है। आक्रोशित भीड़ की ओर से पुलिस को धरना स्थल के पास प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। ऐसे में एसपी राजकुमार चौधरी समेत पुलिस बल को आसपास के गावों में ही रुकना पड़ा है। धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता नरेश मीना ने पुलिस ओर प्रशासन को जमकर आड़े हाथों लिया।
लोगों ने परिजनों की जायज मांग नहीं माने जाने तक धरना जारी रखने की घोषणा की।
लोगों ने परिजनों की जायज मांग नहीं माने जाने तक धरना जारी रखने की घोषणा की।
उन्होंने पुलिस ओर प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में आकर घटना के मुख्य आरोपियों के बचाव करने का आरोप लगाया। लोगों ने एसपी समेत पुलिस के अन्य अधिकारियों से वार्ता करने से मना कर दिया। आक्रोशित भीड़ की ओर से आईजी को मौके पर बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक परिजनों की जायज मांग नहीं मानी जाएंगी। तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। गुरुवार देर शाम तक भी मौके पर धरना प्रदर्शन जारी है। धरना स्थल पर मनोहर थाना के पूर्व विधायक कंवर लाल मीना, बारां के पूर्व जिला प्रमुख भरत मीना आदि भी पहुंच गए।
Next Story