राजस्थान

कोटा में NEET छात्र की संदिग्ध मौत, बाथरूम में बेहोश मिला

Rajeshwari Nishad
26 Oct 2026 6:14 PM IST
कोटा में NEET छात्र की संदिग्ध मौत, बाथरूम में बेहोश मिला
x
कोटा। राजस्थान के कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहे बिहार निवासी 19 वर्षीय छात्र गौतम कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छात्र हॉस्टल के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिला था। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार ने हॉस्टल प्रबंधन की कथित लापरवाही पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। फिलहाल छात्र की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है और पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बिहार के दरभंगा का रहने वाला था गौतम कुमार
पुलिस के अनुसार, मृतक छात्र गौतम कुमार बिहार के दरभंगा जिले का निवासी था। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए करीब डेढ़ से दो साल से कोटा में रह रहा था। वह शहर के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क इलाके में स्थित श्रीजी रेजिडेंसी हॉस्टल में रहता था और NEET की तैयारी कर रहा था।
कोटा देश के प्रमुख प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्रों में शामिल है। यहां बिहार सहित कई राज्यों से छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। गौतम भी बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर यहां पढ़ाई कर रहा था।उसकी अचानक मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के लोग कोटा पहुंचे। इस घटना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
हॉस्टल के बाथरूम में अचेत मिला छात्र
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गौतम 24 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे खाना लेकर अपने हॉस्टल लौटा था। इसके बाद जब काफी समय तक उसके कमरे से कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी, तो अन्य छात्रों और हॉस्टल प्रबंधन को चिंता हुई।बताया गया कि कमरे का दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद हॉस्टल प्रबंधन ने दरवाजा खुलवाया, जहां गौतम बाथरूम में अचेत अवस्था में मिला।उसे तुरंत इलाज के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उपचार की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके से संबंधित जानकारियां जुटाईं और जांच शुरू कर दी।
कान के पास चोट के निशान मिलने की बात
रिपोर्टों में छात्र के कान के पास चोट का हल्का निशान होने का भी उल्लेख किया गया है। शुरुआती तौर पर बाथरूम में गिरने से चोट लगने की आशंका जताई गई, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि छात्र बाथरूम में किन परिस्थितियों में बेहोश हुआ था। क्या वह अचानक गिर गया था या घटना के पीछे कोई अन्य कारण था, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर उठाए सवाल
गौतम की मौत के बाद परिवार ने हॉस्टल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि छात्र की अनुपस्थिति और उसकी स्थिति पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया।परिवार के सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब हॉस्टल में दिन में कई बार भोजन दिया जाता है, तो छात्र की गतिविधियों पर समय रहते ध्यान क्यों नहीं गया। उन्होंने यह भी मांग की कि यह पता लगाया जाए कि गौतम को अस्पताल पहुंचाने से पहले क्या हुआ था और उसे समय पर चिकित्सा सहायता मिली या नहीं।परिजनों ने कहा कि वे घटना की निष्पक्ष जांच चाहते हैं, ताकि मौत के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें। हालांकि, हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परिजनों की शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस छात्र की मौत से जुड़े घटनाक्रम, हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई। पुलिस ने फिलहाल मौत के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और संबंधित लोगों के बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच में मिले साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
कोटा में छात्रों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
गौतम कुमार की मौत ने कोटा में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर चिंता बढ़ा दी है।दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले विद्यार्थी लंबे समय तक हॉस्टल या पीजी में रहते हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित आवास, समय पर चिकित्सा सहायता और आपात स्थिति में प्रभावी व्यवस्था होना जरूरी है।हॉस्टल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहे और किसी असामान्य परिस्थिति में तत्काल उचित कदम उठाए।साथ ही, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और आपातकालीन जरूरतों पर ध्यान देने के लिए स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसी गंभीर स्थिति में मदद मिलने में देरी न हो।
परिवार को जांच से न्याय की उम्मीद
गौतम कुमार की अचानक मौत से उसका परिवार सदमे में है। परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि पढ़ाई के लिए घर से दूर रह रहे उनके बेटे के साथ आखिर क्या हुआ।परिजनों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की है।फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
Next Story