राजस्थान

Sri Ganganagar: बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम को लेकर निर्देश

Tara Tandi
10 March 2025 1:10 PM IST
Sri Ganganagar: बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम को लेकर निर्देश
x
Sri Ganganagar श्रीगंगानगर । जिले में बाल विवाह आयोजनों पर प्रभावी रोकथाम को लेकर जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर आवश्यक निर्देश दिये हैं।
जिला कलक्टर ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बाल विवाह अपराध है। बाल विवाह की रोकथाम के लिये आखातीज व पीपल पूर्णिमा जैसे पर्वों पर विशेष ध्यान दिया जाना अतिआवश्यक है। अन्य सावों पर भी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाहों के आयोजनों की संभावनाएं रहती हैं, पर ध्यान दिया जाये। बाल विवाह की रोकथाम के लिये निरन्तर निगरानी रखी जाये।
बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिये ग्राम एवं तहसील स्तर पर स्थापित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधिगण द्वारा आमजन को जानकारी कराते हुए जनजागृति उत्पन्न कर बाल विवाह रोके जाने के लिये कार्यवाही की जाये। जिला व ब्लॉक स्तर पर गठित विभिन्न सहायता समूह, महिला समूह, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला सुरक्षा सखी, साथिन, सहयोगियों के कोर गु्रप को समस्त संबंधित विभागों द्वारा सक्रिय किया जाये।
ऐसा व्यक्ति व समुदाय जो विवाह सम्पन्न करवाने में सहयोग देते हैं यथा हलवाई, बैंड बाजा, पंडित, बाराती, टैंट वाले, ट्रांसपोर्टर इत्यादि से बाल विवाह में सहयोग न करने का आश्वासन लिया जाये तथा बाल विवाह कानूनों की जानकारी दी जाये। जनप्रतिनिधियों व प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ चेतना बैठक की जाये। ग्राम सभाओं में भी चर्चा की जाये। बाल विवाह रोकथाम के लिये किशोरियों, महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों व विभिन्न विभागों के कार्यकर्ता व स्वास्थ्य, वन, कृषि, समाज कल्याण, शिक्षा विभागों आदि के साथ समन्वय बैठक आयोजित कर एसडीएम द्वारा कार्मिकों को तत्काल सूचना देने के लिये पाबंद किया जाये।
विवाह के लिये छपने वाले निमंत्रण पत्र में वर-वधू की आयु का प्रमाण प्रिन्टिंग प्रेस वाले के पास रहे, इस पर जोर दिया जाये। अक्षय तृतीया व पीपल पूर्णिमा के अवसरों पर उपखण्ड कार्यालयों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाये। बाल विवाह रोकथाम के लिये 181 कॉल सेन्टर तथा पुलिस नियंत्रण कक्ष 100 पर भी सूचना दी जा सकती है। राजकीय व निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणाम व विधिक प्रावधानों की जानकारी दी जाये।
Next Story