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पूर्व सांसद के बेटे की संदिग्ध मौत
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कांग्रेस के पूर्व सांसद रतन सिंह ने अपने बेटे राजेंद्र प्रताप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व सांसद ने अपनी पुत्रवधू नीतू सिंह और पोते सौरव सिंह के खिलाफ जवाहर सर्किल पुलिस थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि संपत्ति हड़पने और अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने के उद्देश्य से उनके बेटे को जहरीला पदार्थ देकर मार डाला गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
11 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
राजेंद्र प्रताप सिंह राजस्थान के सार्वजनिक निर्माण विभाग में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत थे। 11 सितंबर 2026 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय उनकी पत्नी नीतू और बेटा सौरव घर पर मौजूद थे। पूर्व सांसद रतन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया कि बेटे की मौत के समय उसके होंठ नीले पड़े हुए थे। इसी आधार पर उन्होंने बेटे को जहरीला पदार्थ दिए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संपत्ति और नौकरी के लिए हत्या का आरोप
शिकायत में पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि राजेंद्र की पत्नी नीतू उनकी संपत्ति पर कब्जा करना चाहती थी। वहीं, बेटे सौरव की नजर पिता की सरकारी नौकरी पर थी। रतन सिंह के मुताबिक, सौरव अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करना चाहता था। पूर्व सांसद का आरोप है कि इसी उद्देश्य से दोनों ने मिलकर राजेंद्र की हत्या की साजिश रची। हालांकि, ये सभी शिकायतकर्ता के आरोप हैं। पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
2005 में हुई थी राजेंद्र और नीतू की शादी
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, राजेंद्र प्रताप सिंह और नीतू की शादी 11 मई 2005 को हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच पारिवारिक विवाद शुरू हो गए थे। लंबे समय तक मतभेद रहने के कारण राजेंद्र ने वर्ष 2019 में पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मुकदमा भी दाखिल किया था। बताया गया है कि पति-पत्नी करीब सात वर्षों तक अलग-अलग रहे। इस दौरान उनके बीच कानूनी विवाद भी चलता रहा।
मई 2026 में फिर साथ रहने लगे थे
करीब सात साल तक अलग रहने के बाद मई 2026 में राजेंद्र, उनकी पत्नी नीतू और बेटा सौरव के बीच समझौता हुआ था। इसके बाद नीतू और सौरव जयपुर स्थित मकान में राजेंद्र के साथ रहने लगे थे। परिवार के दोबारा साथ रहने के बावजूद आपसी विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए। पिछले दो महीनों से घर में पैसों को लेकर लगातार विवाद हो रहा था। पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि राजेंद्र और उनके परिवार के बीच आर्थिक मामलों को लेकर तनाव बना हुआ था।
मौत से पहले CCTV कैमरे तोड़ने का आरोप
इस मामले में एक महत्वपूर्ण आरोप घर में लगे सीसीटीवी कैमरों से जुड़ा है। पूर्व सांसद रतन सिंह ने पुलिस को बताया कि 4 और 5 सितंबर को नीतू और सौरव ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए थे। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसा घर की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग रोकने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि, कैमरे तोड़ने के आरोप और इसके पीछे के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा
पूर्व सांसद ने अपनी शिकायत में पुत्रवधू और पोते पर हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर जवाहर सर्किल पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस के सामने मौत की परिस्थितियों, पारिवारिक विवाद और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच करने की चुनौती है। पुलिस जांच में उपलब्ध दस्तावेजों, संबंधित व्यक्तियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल यह मामला पारिवारिक विवाद के बीच हुई संदिग्ध मौत से जुड़ा है। पूर्व सांसद ने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है, लेकिन आरोपियों का अपराध अभी साबित नहीं हुआ है।
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