
x
जयपुर : राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 में सामने आए फर्जीवाड़े के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी राजमोहन मीणा को जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी सवाई माधोपुर जिले के कुंडेरा का रहने वाला है और उसकी उम्र 29 वर्ष बताई गई है। एसओजी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। आरोप है कि राजमोहन ने भर्ती परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर लिखित परीक्षा पास की और बाद में प्लाटून कमांडर के पद पर चयनित हो गया।
एसओजी की जांच के अनुसार राजमोहन मीणा ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए डमी अभ्यर्थी गिरोह से संपर्क किया था। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बैठाने वाले गिरोह के कथित सरगना हनुमान प्रसाद मीणा से सौदा किया था। इस पूरे सौदे के लिए करीब 10 लाख रुपये की रकम तय होने की बात सामने आई है।
आरोप है कि हनुमान प्रसाद मीणा ने राजमोहन की जगह एक फर्जी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया। डमी अभ्यर्थी के जरिए राजमोहन ने लिखित परीक्षा पास कर ली और मेरिट सूची में 1623वां स्थान हासिल किया। इसके बाद उसका चयन प्लाटून कमांडर के पद पर हो गया। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, जोधपुर भेजा गया था।
एसओजी की जांच आगे बढ़ने और भर्ती परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े की परतें खुलने के बीच राजमोहन मीणा 22 मार्च 2025 को प्रशिक्षण केंद्र से फरार हो गया था। इसके बाद से ही एसओजी उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अपने पैतृक गांव और परिचित स्थानों से दूर रहने लगा। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह जयपुर पहुंच गया और यहां करतारपुरा फाटक के पास किराए पर कमरा लेकर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
लंबे समय से फरार रहने के कारण एसओजी ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों के संबंध में लगातार जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी दौरान एसओजी को उसके जयपुर में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक एसओजी भुवन भूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। अनुसंधान अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसओजी चिरंजीलाल मीणा की टीम ने आरोपी को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद राजमोहन मीणा को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उसे 15 अगस्त 2026 तक पुलिस अभिरक्षा रिमांड पर भेज दिया है। अब एसओजी उससे भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने की पूरी प्रक्रिया, कथित तौर पर दिए गए 10 लाख रुपये, डमी अभ्यर्थी की पहचान और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह के जरिए और कितने अभ्यर्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी तरीके से सफलता हासिल की।
इस मामले में डमी अभ्यर्थी गिरोह के कथित मुख्य सरगना हनुमान प्रसाद मीणा को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। हनुमान प्रसाद टोंक जिले के अलीगढ़ थाना क्षेत्र के बिलोता का रहने वाला है। एसओजी ने उसे 23 जून 2024 को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है।
राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 को लेकर एसओजी की जांच लगातार जारी है। जांच एजेंसी परीक्षा में कथित पेपर लीक, डमी अभ्यर्थियों और फर्जी तरीके से चयन हासिल करने से जुड़े मामलों की अलग-अलग कड़ियों को खंगाल रही है। राजमोहन मीणा की गिरफ्तारी के बाद अब पूछताछ में मिलने वाली जानकारी से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी अहम सुराग मिलने की संभावना है।
TagsFake Platoon Commander SOG Actionफर्जीप्लाटूनकमांडरSOGएक्शनजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





