
Rajasthan राजस्थान: राजस्थान के बीकानेर में PBM हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी कराने के बाद छह महिलाओं की सेहत अचानक बिगड़ गई, जिनमें किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ सामने आईं। इस गंभीर मामले के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने तुरंत एक जांच कमेटी का गठन किया है, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित सभी मरीजों को इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। मरीजों की स्थिति गंभीर है, लेकिन फिलहाल उनकी जान पर खतरा नहीं बताया गया है। अस्पताल प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी महिलाओं को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं।
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि कुछ महिलाओं ने डिलीवरी के बाद अपने स्वास्थ्य में असामान्य बदलाव की जानकारी दी। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उन्हें तुरंत जांच और उपचार के लिए ICU में भर्ती कराया। डॉ. वर्मा ने बताया कि सभी मरीजों का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जांच कमेटी का गठन इस बात को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि डिलीवरी प्रक्रिया और अस्पताल में अपनाई गई सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया गया या नहीं। कमेटी को मामले की विस्तृत समीक्षा करने, मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड की जांच करने और अस्पताल में डिलीवरी और पोस्ट-ऑपरेटिव प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिससे अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार को भविष्य में आवश्यक सुधार और सुरक्षा उपाय अपनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, प्रभावित महिलाओं के परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है और उन्हें उपचार की स्थिति और स्वास्थ्य प्रगति के बारे में नियमित अपडेट दिया जा रहा है।
इस घटना ने अस्पताल और राज्य स्वास्थ्य प्रशासन के लिए चेतावनी का काम किया है कि मातृ स्वास्थ्य और सिजेरियन डिलीवरी जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं में सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिलीवरी के बाद महिलाओं में किडनी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच तुरंत करना बेहद जरूरी है, ताकि गंभीर जटिलताओं को रोका जा सके।
अस्पताल प्रशासन ने जनता और मरीजों के परिजनों को आश्वस्त किया है कि सभी प्रभावित महिलाओं का उपचार पूरी तत्परता और विशेषज्ञ ध्यान में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच पूरी होने के बाद, यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला बीकानेर के अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य देखभाल और सिजेरियन डिलीवरी के दौरान सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की आवश्यकता को उजागर करता है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पूरी कोशिश कर रहे हैं कि सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट सकें।





