राजस्थान

Sawai Madhopur: रणथम्भौर में विचरण के बाद चीते की वापसी

Admindelhi1
9 May 2026 11:42 AM IST
Sawai Madhopur: रणथम्भौर में विचरण के बाद चीते की वापसी
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"चीते की वापसी से वन विभाग सक्रिय"

सवाई माधोपुर: मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से राजस्थान पहुंचे चीता केपी-2 को करीब 25 दिनों तक रणथम्भौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में विचरण करने के बाद शुक्रवार को सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत ट्रेंकुलाइज कर वापस कूनो भेज दिया गया।

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह के अनुसार चीता 14 अप्रैल को पहली बार पालीघाट रेंज के अजीतपुरा गांव क्षेत्र में देखा गया था। इसके बाद वह लगातार रणथम्भौर टाइगर रिजर्व और आसपास के पेरीफेरी क्षेत्रों में सक्रिय रहा।

करीब 25 दिनों के दौरान चीते ने लगभग 175 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया। इस दौरान उसकी मूवमेंट अजीतपुरा, लहसोड़ा, लक्ष्मीपुरा, भैरूपुरा, जैतपुर, हलौंदा, कुशालीपुरा सहित रणथम्भौर के जोन 7, 8 और 9 में रही। इसके अलावा श्याम वाटिका, संग्रामपुरा, नीमली, सीतामाता, कालीभाट, हिंदवाड़, दूमोदा, कैलाशपुरी और मौजीपुरा क्षेत्रों में भी उसकी मौजूदगी रिकॉर्ड की गई।

वन विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों से चीता जंगल क्षेत्र में ही सक्रिय था, जिसके बाद कूनो नेशनल पार्क से आई विशेष टीम ने रणथम्भौर की फलोदी रेंज के काला कुआं क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उसे ट्रेंकुलाइज किया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन विभाग और वेटरनरी विशेषज्ञों की टीम ने चीते की स्वास्थ्य जांच की। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ वाहन द्वारा सुबह करीब 9:30 बजे मध्यप्रदेश के लिए रवाना किया गया।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चीते की स्थिति सामान्य है और उसे सुरक्षित रूप से कूनो नेशनल पार्क भेजा गया है, जहां आगे भी उसकी निगरानी जारी रहेगी। इस पूरे अभियान के दौरान राजस्थान वन विभाग की सतर्कता और लगातार मॉनिटरिंग ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम किया। चीते की सुरक्षित वापसी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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