राजस्थान

Salumber: सलूम्बर में डीएनटी समाज का बड़ा आंदोलन, अलग आरक्षण को लेकर प्रदर्शन

Admindelhi1
4 Jun 2026 11:19 AM IST
Salumber: सलूम्बर में डीएनटी समाज का बड़ा आंदोलन, अलग आरक्षण को लेकर प्रदर्शन
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10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर डीएनटी समाज का जेल भरो आंदोलन

सलूम्बर: राष्ट्रीय पशुपालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति एवं मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में सलूम्बर में ‘जेल भरो आंदोलन’ आयोजित किया गया। आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में डीएनटी (विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजाति), वंचित ओबीसी, एससी तथा एसटी वर्ग के लोगों ने रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंच मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों ने डीएनटी समाज की 11 सूत्री मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राईका ने बताया कि आंदोलन की प्रमुख मांग रेनके आयोग एवं इदाते आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर डीएनटी समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण के भीतर पृथक आरक्षण प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने, आवासीय पट्टे देने, भूमि आवंटन करने तथा शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में विशेष अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

राईका ने कहा कि राजस्थान में डीएनटी समाज की आबादी लगभग 15 प्रतिशत है, जो करीब 1.23 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने राज्य सरकार से मुख्यमंत्री स्तर पर दूसरे चरण की वार्ता शीघ्र आयोजित करने, पूर्व में हुई वार्ता में उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने तथा नई वार्ता की तिथि तत्काल घोषित करने की मांग की।

डीएनटी संघर्ष समिति के सह-अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने कहा कि समाज पिछले दो वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में हुई चर्चाओं के बावजूद सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तथा आंदोलन से जुड़े लोगों पर मुकदमे दर्ज कर दमनात्मक कार्रवाई की गई।

आंदोलन के दौरान आरक्षण के उपवर्गीकरण की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण का वास्तविक लाभ सभी वंचित एवं पिछड़े वर्गों तक समान रूप से पहुंचे, इसके लिए उपवर्गीकरण आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की लगभग 150 वंचित जातियां इस अभियान से जुड़ रही हैं।

आंदोलनकारियों ने घोषणा की कि अभियान को अब जिले-जिले तक विस्तार दिया जाएगा तथा 1 जुलाई को जयपुर में प्रस्तावित ‘महा-पड़ाव’ के माध्यम से इसे राज्यव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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