राजस्थान
Rajasthan दिवस के नए निर्णय पर साधु-संतों की सराहना, मुख्यमंत्री शर्मा को बताया ऐतिहासिक कदम
Tara Tandi
30 March 2025 6:47 PM IST

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Jaipur जयपुर । मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस मनाए जाने की महत्वपूर्ण घोषणा के क्रम में रविवार को सम्पूर्ण प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किए गए हैं। राज्य के देवस्थानों में राजस्थान दिवस पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। भारतीय रीति-नीति से राजस्थान दिवस मनाने की इस पहल पर देश व प्रदेश के साधु, संतों, महंत व आचार्यों ने संदेश भेजकर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया है।
राजस्थान दिवस पर साधु-संतों की ओर से मुख्यमंत्री को बधाई संदेश-
—बागेश्वर धाम के श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान स्थापना दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाने का जो प्रण लिया है, वह बेहद अनूठा है। मुख्यमंत्री का यह निर्णय सनातन संस्कृति के लिए नई पहल, परंपरा और नवाचार है। साथ ही, उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति को भी दिखाता है। उन्होंने नवसंवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर राजस्थान दिवस मनाये जाने की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया।
—आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान स्थापना दिवस को सनातन संस्कृति के अंतर्गत नव संवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हैं।
—आचार्य श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के फैसले से 75 वर्ष बाद चैत्र माह शुक्ल पक्ष प्रतिपदा नवसंवत्सर को राजस्थान स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस संबंध में जब उन्हें जानकारी प्राप्त हुई तो बेहद प्रसन्नता हुई। यह निर्णय सभी को गौरवान्वित करने वाला है। इस निर्णय के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को साधुवाद दिया।
—सतपाल महाराज ने राजस्थान स्थापना दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाने के लिए राजस्थान वासियों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के इस निर्णय से राजस्थान का मान-सम्मान बढ़ा है। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
—परमार्थ निकेतन, हरिद्वार के संत निरंजन स्वामी ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा निर्णय लेते हुए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा नवसंवत्सर पर राजस्थान स्थापना दिवस मनाने का जो निर्णय लिया, इसके लिए वे मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हैं।
—गणेश मंदिर मोती डूंगरी के महन्त श्री कैलाश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से राजस्थान दिवस संवत् 2082 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जा रहा है। इसके लिए समस्त राजस्थान वासियों की ओर से मुख्यमंत्री का धन्यवाद।
—हाथोज धाम से स्वामी बालमुकुन्दाचार्य ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की पहल से विक्रम संवत् 2082 नवसंवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस मनाया जा रहा है। इस फैसले से भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
—गणेश मंदिर, रणथम्भौर के महंत श्री हिमांशु शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शर्मा द्वारा हर वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस मनाने के निर्णय से सनातन संस्कृति को नवीन ऊर्जा मिली है। इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का बहुत-बहुत धन्यवाद।
—सालासर बालाजी के पुजारी श्री मांगीलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का राजस्थान दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाने का निर्णय बेहद ऐतिहासिक है, जिसके लिए वे मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं।
—श्री त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के ट्रस्टी श्री कांतिलाल पंचाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस मनाने की पहल बेहद सराहनीय है।
—ब्रह्मा जी मंदिर, पुष्कर के पुजारी श्री कृष्णगोपाल वशिष्ठ ने कहा कि अब तक राजस्थान दिवस 30 मार्च को मनाया जाता रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्णय से इसे पुनः चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जाएगा, जो कि राजस्थान वासियों के लिए हर्ष और गौरव का विषय है।
—जीण माता मंदिर, सीकर के पुजारी श्री दीपक पाराशर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस मनाने का फैसला प्रदेश ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण सनातन संस्कृति के लिए सराहनीय कदम है।
—महाकालिका शक्तिपीठ, ऋषभदेव के पीठाधीश्वर श्री भरत भूषण जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शर्मा का राजस्थान दिवस को अंग्रेजी कैलेण्डर की जगह हिन्दी कैलेण्डर के अनुसार मनाने का निर्णय राजस्थान वासियों के लिए सम्मान का विषय है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
—बेणेश्वर पीठ के महंत श्री अच्युतानंद महाराज ने कहा कि सनातन पंचांग के अनुरूप मुख्यमंत्री का राजस्थान दिवस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाने का निर्णय स्वागत योग्य है। इस निर्णय से सनातन संस्कृति और अधिक मजबूत बनेगी।
—गोपाल पुरूषोत्तम आश्रम, चित्तौड़गढ़ के श्री श्री 1008 श्री सुदर्शनाचार्य महाराज ने कहा कि 30 मार्च 1949 के बाद पहली बार मुख्यमंत्री श्री शर्मा के प्रयासों से नवसंवत्सर एवं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर राजस्थान दिवस मनाने की अभूतपूर्व पहल हुई है। उन्होंने संत समाज की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
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