
जोधपुर: देवझूलनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार को ठाकुर जी के स्नान की पारंपरिक व्यवस्था की गई। शहर में धार्मिक आयोजन हुए। मारवाड़ में कहावत प्रचलित है कि देव झूल्या,मेह भूल्या। इस दिन से मानसूनी की भी पूर्ण विदाई मानी जाती है। इधर नगर निगम की तरफ से ठाकुर जी की सवारी को स्नान करवाने के लिए गुलाब सागर के समीप ही अस्थायी कुंड की व्यवस्था की गई।
नगर निगम आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि देवझूलनी एकादशी पर शहर के विभिन्न मंदिरों से ठाकुर जी की सवारी निकाली जाती है। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु ठाकुर जी को पवित्र जल में स्नान करवाते हैं। गुलाब सागर में सफाई कार्य चलने और पानी खाली करवाए जाने के कारण इस बार श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
उन्होंने बताया कि गुलाब सागर के पास एक अस्थाई कुंड तैयार करवा गया है जिसमें पवित्र जल की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु अपनी ठाकुर जी की सवारी को यहां लेकर आ सकेंगे और धार्मिक परंपरा के अनुसार स्नान करवा सकेंगे। इससे देवझूलनी एकादशी पर वर्षों से चली आ रही परंपरा भी कायम रहेगी और श्रद्धालुओं को सुविधा भी मिलेगी।





