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राजस्थान: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों को टिकट देने का फैसला AICC के सर्वे से होगा, CM गहलोत ने दिए संकेत

Renuka Sahu
8 Feb 2022 6:06 AM GMT
राजस्थान: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों को टिकट देने का फैसला AICC के सर्वे से होगा, CM गहलोत ने दिए संकेत
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 फाइल फोटो 

राजस्थान में 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों को टिकट देने का फैसला सर्वे से होगा।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। राजस्थान में 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विधायकों को टिकट देने का फैसला सर्वे से होगा। क्षेत्र में किए काम और जनता में लोकप्रियता के आधार पर टिकट तय किए जाएंगे। अच्छे काम के आधार पर ही विधायकों और मंत्रियों के टिकट बरकरार रह पाएंगे। औसत से कम फीडबैक पर टिकट कट जाएगा। एआईसीसी ये सर्वे कराएगा। सर्वे में कांग्रेस के विधायक पिछड़ जाएंगे तो उनका टिकट कटना तय है। राजधानी जयपुर के एक होटल में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर में सीएम अशोक गहलोत ने संकेत दिए है। चिंतन शिविर में प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने स्पष्ट कहा कि टिकट का पैमाना काम होगा। जाति टिकट देने का पैमाना नहीं होगा। अजय माकन और सीएम गहलोत के संकेतों से कांग्रेस विधायकों में खलबली मच गई है। जयपुर में सोमवार से शुरू हुआ चिंतन शिविर का आज मंगलवार को समापन होगा।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुरू किया काम
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार एआईसीसी के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विधायकों के कामकाज ब्यौरा लेना शुरू भी कर दिया है। हालांकि, प्रदेश में चुनाव 2023 में होने और करी 21 महीने का समय शेष है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। सीएम गहलोत ने चिंतन शिविर में कहा कि पार्टी आलाकमान के सर्वे के आधार पर ही नए चेहरों को मौका मिलेगा। सर्वे में पिछड़ गए तो मंत्रियों का टिकट कटना भी तय माना जा रहा है। अच्छे काम के आधार पर ही विधायकों और मंत्रियों के टिकट बरकरार रह पाएंगे। औसत से कम फीडबैक पर टिकट कट जाएगा। कांग्रेस आंतरिक सर्वे के आधार पर विधायकों और मंत्रियों के कामकाज का आंकलन करेगी। इसके बाद ही टिकटों पर मुहर लगेगी।
सीएम गहलोत ढिलाई से नाराज
सीएम अशोक गहलोत सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने में बरती जा रही ढिलाई से बेहद नाराज है। सीएम गहलोत का कहना है कि सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने के लिए बुकलेट छपवाई है, लेकिन 25 विधायकों ने ही बुकलेट छपवाई है। यदि विधायक अपने ही कार्यों को जनता तक नहीं पहुंचा पाएंगे तो खुद उनका भी नुकसान होगा। ऐसे विधायक एआईसीसी के सर्वे में पिछड़ सकते हैं। ऐसे में विधायकों का टिकट भी संकट भी संकट में पड़ सकता है। सीएम गहलोत की नाराजगी के बाद विधायक सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।
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