
राजस्थान | राजस्थान के प्रसिद्ध जीणमाता मंदिर में मंगलवार को भारी हंगामा हो गया। मंदिर संचालन को लेकर पुजारियों और बत्तीसी संघ के बीच तीखी नोकझोंक के बाद झड़प हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि मंदिर प्रशासन को तीन घंटे के लिए पट बंद करने पड़े। श्रद्धालु मंदिर के बाहर दर्शन के लिए इंतजार करते रहे, लेकिन विवाद बढ़ता गया।
क्या है पूरा मामला?
जीणमाता मंदिर में वर्षों से बत्तीसी संघ और पुजारी परिवारों के बीच मंदिर संचालन से जुड़ा विवाद चला आ रहा है। मंगलवार को इस विवाद ने नया रूप ले लिया। पुजारियों का आरोप है कि बत्तीसी संघ ने बिना अनुमति के मंदिर की व्यवस्थाओं में दखल देना शुरू कर दिया। वहीं, बत्तीसी संघ का कहना है कि मंदिर की परंपराएं सही तरीके से नहीं निभाई जा रही हैं। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो झड़प में बदल गई।
तीन घंटे तक बंद रहे मंदिर के पट
विवाद बढ़ने पर मंदिर प्रशासन ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए। इससे तीन घंटे तक श्रद्धालुओं को मंदिर के बाहर इंतजार करना पड़ा। दूर-दूर से आए भक्तों ने दर्शन न मिलने पर नाराजगी जताई।
पुलिस और प्रशासन को करना पड़ा हस्तक्षेप
मंदिर में हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद को शांत कराया। समझाइश के बाद मंदिर के पट दोबारा खोले गए और श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई।
पहले भी हो चुके हैं विवाद
जीणमाता मंदिर में इससे पहले भी पुजारियों और बत्तीसी संघ के बीच कई बार विवाद हो चुका है। मंदिर की व्यवस्थाओं और चढ़ावे के बंटवारे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने रहते हैं।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने दोनों पक्षों को बैठकर मामले को सुलझाने की हिदायत दी है। पुलिस ने कहा कि यदि दोबारा इस तरह की स्थिति बनी तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





