राजस्थान

Rajasthan: कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी

Kavita2
30 May 2026 11:26 AM IST
Rajasthan: कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी
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Rajasthan राजस्थान : राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। जयपुर, बीकानेर, चूरू, धौलपुर, अलवर और झुंझुनूं सहित कई जिलों में दोपहर बाद बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी ने जनजीवन प्रभावित किया।

राजधानी जयपुर और दौसा समेत कई जिलों में शुक्रवार रात करीब आठ बजे के बाद तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। अचानक हुई इस बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव और यातायात में बाधा की स्थिति भी बनी।

कोटपुतली-बहरोड़ क्षेत्र में तेज धूलभरी हवाओं के कारण कई पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। दोपहर के समय कई जिलों में आसमान में धूल का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई।

राज्य के अलवर और फलौदी जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अभी भी अत्यधिक गर्मी की स्थिति को दर्शाता है। हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में कुछ जिलों में हल्की राहत देखने को मिली है।

पिछले चार दिनों से 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे श्रीगंगानगर में शुक्रवार को तापमान में गिरावट दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राहत का संकेत माना जा रहा है।

अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो जैसलमेर में 45.6 डिग्री, बीकानेर में 44 डिग्री, भीलवाड़ा में 43.8 डिग्री और चित्तौड़गढ़ में भी 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इन इलाकों में भी गर्मी का असर अब भी बना हुआ है, लेकिन स्थानीय बारिश और हवाओं के चलते तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा हो सकता है, जिसमें गर्म हवाओं के साथ अचानक बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं देखने को मिलती हैं।

बारिश के बाद कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को तेज गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

फिलहाल पूरे राज्य में कहीं राहत तो कहीं गर्मी की स्थिति बनी हुई है, और लोग आगामी मानसून को लेकर उम्मीद लगाए हुए हैं, जिससे तापमान में स्थायी गिरावट आने की संभावना है।

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