राजस्थान

राजस्थान: अजमेर महिला जेल से कैदियों को ले जाने पर जेलर गिरफ्तार

Tara Tandi
8 Oct 2026 12:17 PM IST
राजस्थान: अजमेर महिला जेल से कैदियों को ले जाने पर जेलर गिरफ्तार
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जयपुर: अजमेर महिला सुधार गृह से दो महिला कैदियों को कथित तौर पर बिना इजाज़त एक निजी घर ले जाने के गंभीर मामले में, अजमेर की सिविल लाइन्स पुलिस ने तत्कालीन जेलर दिव्या चौधरी को गिरफ़्तार किया है। केस दर्ज होने के बाद से ही वह फ़रार चल रही थीं।
अजमेर के ज़िला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और अपने साथियों के साथ मिलकर जेल सुरक्षाकर्मियों को धमकाया, जिसके बाद दो कैदियों को जेल से बाहर ले जाया गया।
इनमें से एक कैदी उम्रकैद की सज़ा काट रही थी, जबकि दूसरी विचाराधीन कैदी थी।
पुलिस की जांच और तकनीकी सबूतों के अनुसार, यह घटना 12 जुलाई, 2026 को हुई थी।
भीलवाड़ा की रहने वाली तत्कालीन जेलर-इन-चार्ज दिव्या चौधरी ने कथित तौर पर अपनी साथी महिला गार्ड सोनिया चौधरी के साथ मिलकर यह काम किया।
पुलिस ने बताया कि दोनों ने मुख्य गेट पर तैनात स्टाफ़ की आपत्तियों को नज़रअंदाज़ किया और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को धमकाया। इसके बाद वे दो कैदियों—किरण उर्फ़ सेठ (जो उम्रकैद की सज़ा काट रही थी) और सना (एक विचाराधीन कैदी)—को जेल से बाहर ले गईं।
पुलिस का यह भी आरोप है कि चौधरी बाद में दोनों कैदियों को अपने निजी फ़ायदे के लिए ARG सिटी स्थित अपने निजी घर ले गईं।
अजमेर सेंट्रल जेल के गार्ड महिपाल मंगलोदा की शिकायत के आधार पर 5 अगस्त को सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
केस दर्ज होने के बाद, आरोपी कथित तौर पर अधिकारियों को सूचित किए बिना अपने हेडक्वार्टर से चली गईं और गिरफ़्तारी से बचने के लिए फ़रार हो गईं।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें खोजने के लिए एक ऑपरेशन चलाया, जिसमें CCTV फ़ुटेज, तकनीकी सबूत, आधिकारिक रिकॉर्ड और साइबर सेल की मदद ली गई।
6 अक्टूबर को, अजमेर पुलिस की एक स्पेशल टीम ने कोटा ज़िले के एक रिहायशी फ़्लैट पर छापा मारा और 37 वर्षीय दिव्या चौधरी को गिरफ़्तार कर लिया।
इस मामले की जांच के लिए एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस हिमांशु जांगिड़ और सर्कल ऑफ़िसर शिवम जोशी की देखरेख में एक स्पेशल पुलिस टीम बनाई गई थी।
इस टीम का नेतृत्व सिविल लाइन्स SHO शंभू सिंह ने किया। इस टीम में ASI मोइनुद्दीन, साइबर सेल के ASI आशीष, हेड कॉन्स्टेबल परिना बानो, कॉन्स्टेबल ऋषभेंद्र सिंह (जिन्हें पुलिस ने इस ऑपरेशन में अहम योगदान के लिए श्रेय दिया) और साइबर सेल के कॉन्स्टेबल अभय सिंह शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार जेलर से अभी सघन पूछताछ चल रही है।
जांच करने वाले अधिकारी अन्य कथित साथियों की भूमिका और दोनों कैदियों को जेल से बाहर ले जाने के मकसद की भी जांच कर रहे हैं।
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